‘बंगाल में बम चलता है, कानून नहीं...’, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का ममता सरकार पर तीखा हमला

वित्त मंत्री निर्माला सीतारमण ने कहा कि टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने आरोप लगाया कि बजट में पश्चिम बंगाल का एक बार भी उल्लेख नहीं किया गया, जो पूरी तरह गलत है. जूट उद्योग को लेकर जो घोषणाएं की गई हैं, उनका सीधा लाभ पश्चिम बंगाल को मिलेगा.

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सीतारमण ने पश्चिम बंगाल सरकार की टैक्स नीति पर भी सवाल उठाए. (File Photo- PTI) सीतारमण ने पश्चिम बंगाल सरकार की टैक्स नीति पर भी सवाल उठाए. (File Photo- PTI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 11 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 7:40 PM IST

लोकसभा में बजट पर चर्चा का जवाब देते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पश्चिम बंगाल की कानून-व्यवस्था और विकास को लेकर ममता बनर्जी सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में कानून का राज नहीं बल्कि हिंसा और बम की राजनीति हावी है. 

वित्त मंत्री ने कहा कि टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने आरोप लगाया कि बजट में पश्चिम बंगाल का एक बार भी उल्लेख नहीं किया गया, जो पूरी तरह गलत है. उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल 'पूर्वोदय योजना' में एक महत्वपूर्ण राज्य है. ईस्टर्न इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का निर्माण किया जा रहा है और इसका दुर्गापुर एंकर होगा. इसके साथ ही वाराणसी से सिलीगुड़ी तक हाईस्पीड ट्रेन परियोजना सिलीगुड़ी तक पहुंचेगी, जिसका लाभ उत्तर बंगाल को मिलेगा.

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सीतारमण ने कहा कि जूट उद्योग को लेकर जो घोषणाएं की गई हैं, उनका सीधा लाभ पश्चिम बंगाल को मिलेगा. उन्होंने बताया कि लेदर एक्सपोर्ट और ड्यूटी फ्री इम्पोर्ट की योजनाओं से भी राज्य के उद्योगों को फायदा होगा. उन्होंने कहा कि पूर्वोदय योजना के तहत पर्यटन स्थलों का भी विकास किया जाएगा और राज्य सरकार अपनी इच्छा के अनुसार इसमें भाग ले सकती है.

जंगल महल क्षेत्र का किया जिक्र

उन्होंने जंगल महल क्षेत्र का जिक्र करते हुए कहा कि तेंदू पत्ता पर टीसीएस को पांच प्रतिशत से घटाकर तीन प्रतिशत किया गया है, जिससे बंगाल के लोगों को लाभ मिलेगा. उन्होंने विपक्ष पर गलत आरोप लगाने का आरोप लगाया और कहा कि केंद्र सरकार ने केमिकल पार्क की घोषणा की है. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या पश्चिम बंगाल सरकार हल्दिया केमिकल यूनिट के पास केमिकल पार्क बनाने की पहल नहीं कर सकती.

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वित्त मंत्री ने सिटी इकोनॉमिक रीजन योजना का भी उल्लेख किया और कहा कि इसमें कोई भी राज्य प्रस्ताव दे सकता है. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार हर साल एक शहर के आर्थिक विकास के लिए एक हजार करोड़ रुपये देने को तैयार है. कोलकाता, हावड़ा और दुर्गापुर जैसे शहर इसमें शामिल हो सकते हैं. उन्होंने कहा, “पांच शहरों के लिए पांच हजार करोड़ रुपये तक दिए जा सकते हैं. सुप्रीम कोर्ट में जाएंगे, डांट खाएंगे. बंगाल सामने आए, प्रस्ताव दे और लाभ ले.”

उन्होंने कहा कि आईआईएम हैदराबाद की तरह नए संस्थान खोलने की घोषणा भी की जा चुकी है और राज्यों को आगे आकर इसका लाभ लेना चाहिए.

अभिषेक बनर्जी के आरोपों को किया खारिज

वित्त मंत्री ने टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी के संबोधन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्होंने बहुत ध्यान से उनका भाषण सुना और उन्हें दुख हुआ कि सदन में तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया. उन्होंने जीएसटी को लेकर लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि 2017 में जीएसटी लागू होने के बाद से दूध पर जीएसटी नहीं है. उन्होंने कहा कि शिक्षा पर कोई जीएसटी नहीं है और किताबें, नोटबुक, पेंसिल शॉर्पनर और इरेजर सभी पर जीएसटी शून्य है.

उन्होंने कहा कि हेल्थकेयर सेवाओं पर भी जीएसटी शून्य है और हेल्थ तथा लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम पर भी जीएसटी शून्य कर दिया गया है. उन्होंने कहा कि अभिषेक बनर्जी ने यह भी कहा कि अंतिम संस्कार से जुड़ी चीजों पर जीएसटी लगाया गया है, जबकि ऐसा कभी नहीं था. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि बंगाल में कट मनी सिंडिकेट चल सकता है, लेकिन जीएसटी अंतिम संस्कार की चीजों पर नहीं लगाया गया.

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बंगाल सरकार की टैक्स नीति पर उठाए सवाल

सीतारमण ने पश्चिम बंगाल सरकार की टैक्स नीति पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार नए वाहनों के रजिस्ट्रेशन के समय रोड लेवी लगाती है. उन्होंने कहा कि अगर राज्य सरकार आम जनता पर बोझ कम करना चाहती है तो कोलकाता में पेट्रोल दिल्ली के मुकाबले लगभग 10 रुपये महंगा क्यों है.

वित्त मंत्री ने दानकुनी का जिक्र करते हुए कहा कि इस बजट में दानकुनी का नाम इसलिए लिया गया क्योंकि ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर बनाया जाना था. उन्होंने कहा कि यह दावा करना गलत है कि यह पुरानी घोषणा है. उन्होंने कहा कि उन्होंने नए फ्रेट कॉरिडोर की घोषणा की है. उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी ने रेल मंत्री रहते हुए दानकुनी से लुधियाना तक कॉरिडोर की घोषणा की थी, लेकिन उस पर कोई काम नहीं हुआ.

बंगाल की कानून व्यवस्था पर भी घेर

सीतारमण ने कानून-व्यवस्था पर भी राज्य सरकार को घेरा. उन्होंने कहा कि दुर्गापुर में ओडिशा की एक छात्रा के साथ गैंगरेप हुआ और 2025 में मुख्यमंत्री महिला होते हुए भी यह कह रही हैं कि लड़कियां रात में बाहर न निकलें. उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था सुधारने के बजाय महिलाओं को ही दोषी ठहराया जा रहा है. उन्होंने कोलकाता में गैंगरेप की घटना का भी जिक्र किया और कहा कि केवल कानून बनाकर गवर्नर और राष्ट्रपति को भेज देने से समस्या का समाधान नहीं होगा.

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वित्त मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों के अनुसार कानून-व्यवस्था के मामले में 36 राज्यों की सूची में पश्चिम बंगाल 35वें स्थान पर है. अपने भाषण के दौरान उन्होंने कहा, 'बंगाल में बम चलता है, कानून नहीं चलता'. उन्होंने राज्य सरकार से कानून-व्यवस्था सुधारने और केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की.

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