भारतीय युवाओं को 'साइबर गुलाम' बना रहे थे तस्कर... NIA ने 3 को दबोचा, मास्टरमाइंड फरार

NIA ने कंबोडिया से जुड़े मानव तस्करी और साइबर धोखाधड़ी के एक बड़े मामले का खुलासा किया है. इस मामले में पांच आरोपियों के खिलाफ पटना की स्पेशल NIA अदालत में चार्जशीट दाखिल की है. आरोपी भोले-भाले युवाओं को नौकरी के बहाने कंबोडिया ले जाकर फर्जी कंपनियों में काम करने के लिए मजबूर करते थे.

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युवकों को अच्छी नौकरी का लालच देकर कंबोडिया भेजा जाता था. (फोटो-ITG) युवकों को अच्छी नौकरी का लालच देकर कंबोडिया भेजा जाता था. (फोटो-ITG)

जितेंद्र बहादुर सिंह

  • नई दिल्ली,
  • 16 मई 2026,
  • अपडेटेड 10:25 AM IST

नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने कंबोडिया से जुड़े ह्यूमन ट्रैफिकिंग और साइबर स्लेवरी के एक मामले में बड़ी कार्रवाई की है. जांच एजेंसी ने इस रैकेट में शामिल पांच आरोपियों के खिलाफ पटना की स्पेशल एनआईए अदालत में अपनी चार्जशीट दाखिल कर दी है.

एनआईए की जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी बेहद संगठित मानव तस्करी गिरोह चला रहे थे. वो भारत के भोले-भाले युवाओं को अच्छी नौकरी के बहाने कंबोडिया ले जाते थे. वहां पहुंचने के बाद इन युवाओं को अवैध रूप से चल रही फर्जी स्कैम (साइबर धोखाधड़ी) कंपनियों में काम करने के लिए मजबूर किया जाता था.

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कंबोडिया पहुंचने पर सबसे पहले पीड़ितों के पासपोर्ट जब्त कर लिए जाते थे, ताकि वो वापस न भाग सकें. अगर कोई शख्स फर्जी कंपनियों के लिए साइबर फ्रॉड का काम करने से मना करता या विरोध करता, तो उसे मेंटली और फिजिकली टॉर्चर किया जाता था.

रैकेट का मास्टरमाइंड फरार

पीड़ितों को बंद कमरों में कैद कर दिया जाता था. उन्हें कई-कई दिनों तक खाना-पानी नहीं दिया जाता था और विरोध करने पर इलेक्ट्रिक शॉक भी दिया जाता थीा. NIA की चार्जशीट के मुताबिक, इस पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड आनंद कुमार सिंह उर्फ मुन्ना सिंह है, जो फिलहाल फरार चल रहा है. 

आनंद कुमार सिंह भारत में मौजूद अपने एजेंटों और ट्रैवल एजेंटों के नेटवर्क के जरिए युवाओं को जाल में फंसाता था. इसके बाद वो कंबोडिया में बैठे अपने सहयोगियों की मदद से इन युवाओं की तस्करी करता था. गिरोह के लोग एक भारतीय युवक को कंबोडिया की फर्जी कंपनी को 'बेचने' के बदले 2000 से 3000 अमेरिकी डॉलर वसूलते थे.

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आरोपियों में यूपी-बिहार के लोग शामिल

मामले के पांच आरोपियों में से 3 को फरवरी में कंबोडिया से दिल्ली लौटने पर गिरफ्तार किया गया था. इनके नाम अभय नाथ दुबे (उत्तर प्रदेश), अभिरंजन कुमार (बिहार) और रोहित यादव (उत्तर प्रदेश) हैं. मामले का चौथा आरोपी प्रह्लाद कुमार सिंह फिलहाल जमानत पर बाहर है, जबकि मास्टरमाइंड आनंद कुमार अभी पुलिस की गिरफ्त से दूर है.

यह भी पढ़ें: ह्यूमन ट्रैफिकिंग के जरिए कंबोडिया ले जाए गए 360 भारतीय, चीनी हैंडलर्स ने बना रखा था बंधक

NIA ने इस मामले को केस नंबर RC-10/2024/NIA/DLI के तहत दर्ज किया था. अब इस गिरोह में शामिल दूसरे आरोपियों और इस पूरी अंतरराष्ट्रीय साजिश के पीछे छिपे बाकी चेहरों को बेनकाब करने के लिए जांच जारी है.

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