NEET-UG पेपर लीक मामले ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है. इसी को लेकर गुरुवार रात केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के घर हाई लेवल बैठक हुई. बैठक करीब दो घंटे चली. इसमें परीक्षा दोबारा कराने और भविष्य में पेपर लीक रोकने पर चर्चा हुई.
इस बैठक में शिक्षा मंत्रालय और परीक्षा से जुड़े बड़े अधिकारी शामिल हुए. छात्रों और अभिभावकों के बीच लगातार सवाल उठ रहे हैं कि NEET-UG परीक्षा फिर कब होगी. इसी वजह से बैठक को काफी अहम माना जा रहा है. दूसरी तरफ CBI भी मामले की जांच तेज कर चुकी है और कई लोगों से पूछताछ जारी है.
यह पूरा मामला तब सामने आया जब NTA ने 3 मई को हुई NEET-UG परीक्षा को रद्द कर दिया. यह फैसला कथित गड़बड़ियों के आरोपों के बाद लिया गया. इससे देश के 22 लाख से ज्यादा छात्रों की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि अभी नई परीक्षा की तारीख तय नहीं हुई है. हालांकि NTA के डायरेक्टर जनरल ने कहा है कि री-एग्जाम की तारीख अगले 7 से 10 दिनों में घोषित की जा सकती है.
कौन-कौन थे मीटिंग में मौजूद?
धर्मेंद्र प्रधान के घर हुई बैठक में उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी, स्कूल शिक्षा सचिव संजय कुमार, NTA के डायरेक्टर जनरल अभिषेक सिंह और CBSE चेयरमैन राहुल सिंह मौजूद रहे. इसके अलावा केंद्रीय विद्यालय संगठन और नवोदय विद्यालय समिति के प्रमुख भी बैठक में शामिल हुए.
सूत्रों के मुताबिक, बैठक में सबसे ज्यादा फोकस दो मुद्दों पर रहा. पहला, NEET-UG परीक्षा दोबारा कब कराई जाए. दूसरा, आगे पेपर लीक जैसी घटनाओं को कैसे रोका जाए. इस दौरान, अधिकारियों ने परीक्षा सिस्टम को ज्यादा सुरक्षित बनाने के उपायों पर भी बात की. इसके अलावा, अलग-अलग एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल पर भी चर्चा हुई.
उधर, CBI की जांच लगातार आगे बढ़ रही है. जानकारी के मुताबिक, एजेंसी ने गिरफ्तार पांच आरोपियों की सात दिन की कस्टडी हासिल की है. साथ ही दो और संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है. जांच के दौरान अदालत में यह बात भी कही गई कि मामला पैसे लेकर गोपनीय पेपर लीक करने वाले एक संगठित नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है.
अब छात्रों की नजर सरकार के अगले फैसले पर है. सबसे बड़ा सवाल यही बना हुआ है कि NEET-UG परीक्षा को लेकर अगली आधिकारिक घोषणा कब होगी.
हिमांशु मिश्रा