नीट यूजी-2026 पेपर लीक मामले में सीबीआई की बड़ी कार्रवाई, 5 आरोपी गिरफ्तार, कई जगह छापेमारी

सीबीआई ने नीट यूजी-2026 परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है और देशभर में कई स्थानों पर छापेमारी की है. यह मामला शिक्षा मंत्रालय की शिकायत पर दर्ज किया गया था, जिसमें साजिश, धोखाधड़ी और अन्य धाराएं शामिल हैं. जयपुर, गुरुग्राम और नासिक से गिरफ्तारियां हुई हैं. जांच में इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बरामद हुए हैं और फॉरेंसिक जांच जारी है, साथ ही अन्य संदिग्धों की तलाश भी की जा रही है.

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NEET पेपर लीक के मुख्य आरोपी. Photo ITG NEET पेपर लीक के मुख्य आरोपी. Photo ITG

अरविंद ओझा

  • नई दिल्ली,
  • 13 मई 2026,
  • अपडेटेड 9:00 PM IST

सीबीआई ने नीट यूजी-2026 परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इसके साथ ही देशभर में कई स्थानों पर छापेमारी भी की गई है. सीबीआई ने बताया कि शिक्षा मंत्रालय, उच्च शिक्षा विभाग से मिली लिखित शिकायत के आधार पर 12 मई 2026 को इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई थी.

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इस एफआईआर में आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम 2024 सहित भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराएं शामिल हैं.

ये पांच आरोपी हुए गिरफ्तार
अब तक जांच एजेंसी ने जयपुर से तीन, गुरुग्राम से एक और नासिक से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार किए गए आरोपियों में शुभम खैरनार (नासिक), मंगीलाल बिवाल (जयपुर), विकास बिवाल (जयपुर), दिनेश बिवाल (जयपुर) और यश यादव (गुरुग्राम) शामिल हैं.

मोबाइल फोन सहित कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बरामद
सीबीआई ने बताया कि जांच के दौरान कई स्थानों पर छापेमारी की गई, जिसमें मोबाइल फोन सहित कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई है. एजेंसी राजस्थान एसओजी के साथ भी समन्वय में काम कर रही है, जिसने इस मामले की प्रारंभिक जांच की थी.

जांच एजेंसी के अनुसार, तकनीकी और फॉरेंसिक विश्लेषण के आधार पर आगे की कार्रवाई जारी है और अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच की जा रही है.

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पेपर लीक के आरोपियों की फैमिली ट्री, जानिए कैसे रचा पूरा खेल
सूत्रों के अनुसार जांच एजेंसी की पड़ताल में सामने आया है कि मंगीलाल बिवाल और दिनेश सगे भाई हैं. वहीं विकास बिवाल, दिनेश बिवाल का बेटा है, जो नीट परीक्षा की तैयारी कर रहा है और सीकर में रहता है.
आरोप है कि दिनेश बिवाल (जिनका कथित रूप से भाजपा से जुड़ाव बताया जा रहा है, जिसकी जांच की जा रही है) ने 26-27 अप्रैल को करीब 30 लाख रुपये में प्रश्नपत्र खरीदा था.

बेटे के लिए प्रश्नपत्र खरीदा
यह भी दावा किया गया है कि यह प्रश्नपत्र उनके बेटे विकास के लिए खरीदा गया था, जो नीट की तैयारी कर रहा था. इसके बाद आरोप है कि उसी प्रश्नपत्र को सॉफ्ट कॉपी के रूप में सीकर में अन्य छात्रों को भी बेच दिया गया. जांच में यह भी सामने आया है कि पिछले कुछ वर्षों में इस परिवार के चार सदस्य नीट परीक्षा में चयनित हो चुके हैं. वहीं शुभम को पुणे से 'गेस पेपर' प्राप्त हुआ था, और गुरुग्राम निवासी यश यादव को शुभम के जरिए वही पेपर मिला था.

दो भाइयों ने 30 लाख रुपये में खरीदा पेपर 
जांच एजेंसियों की पड़ताल में सामने आया है कि गुरुग्राम के एक डॉक्टर से जमवारामगढ़ के रहने वाले दो सगे भाई मंगीलाल बिवाल और दिनेश बिवाल ने कथित तौर पर 26 और 27 अप्रैल को करीब 30 लाख रुपये में नीट परीक्षा का पेपर हासिल किया था. आरोप है कि इसके बाद दिनेश बिवाल ने वही प्रश्नपत्र अपने बेटे को दिया, जो सीकर में रहकर मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहा था. जांच में यह भी दावा किया गया है कि 29 अप्रैल को यही पेपर अन्य कई छात्रों और उनके अभिभावकों तक भी पहुंच गया.

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पिछले वर्ष नीट परीक्षा में चयन हुआ था
पूछताछ में यह भी सामने आया है कि दिनेश बिवाल के परिवार के चार बच्चों का पिछले वर्ष नीट परीक्षा में चयन हुआ था. आरोपियों ने कथित रूप से बताया कि उन्हें लगभग एक महीने पहले ही इस बात की जानकारी मिल गई थी कि परीक्षा का पेपर लीक होकर उपलब्ध कराया जाएगा, जिसके आधार पर उन्होंने पहले से तैयारी कर ली थी.

700 छात्रों को पेपर पहुंचाया
इसी मामले में देहरादून से गिरफ्तार आरोपी राकेश कुमार मंडवारिया को लेकर भी अहम खुलासा हुआ है. एजेंसियों का कहना है कि राकेश ने करीब 700 छात्रों तक कथित रूप से यह पेपर पहुंचाया. बताया गया है कि प्रश्नपत्र पहले डिजिटल रूप में भेजा गया और बाद में उसकी प्रिंट कॉपी बनाकर भी बिक्री की गई. फिलहाल जांच एजेंसियां उन छात्रों और अभिभावकों की पहचान करने में जुटी हैं जिन्होंने कथित रूप से पैसे देकर पेपर हासिल किया था.

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