विदेश मंत्रालय ने बांग्लादेश में हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों पर हो रहे लगातार हमलों पर गहरी चिंता व्यक्त की है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि वहां कट्टरपंथियों द्वारा अल्पसंख्यकों के घरों और व्यवसायों को निशाना बनाने का एक 'परेशान करने वाला पैटर्न' दिख रहा है.
भारत ने उन दावों को भी खारिज कर दिया जिनमें इन हमलों को निजी रंजिश या राजनीतिक मतभेद बताया जा रहा है. मंत्रालय ने कहा कि ऐसी दलीलें दोषियों का हौसला बढ़ाती हैं और अल्पसंख्यकों में असुरक्षा की भावना को गहरा करती हैं.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि हम देख रहे हैं कि चरमपंथियों द्वारा अल्पसंख्यकों के साथ-साथ उनके घरों और व्यवसायों पर बार-बार हमले हो रहे हैं. ऐसी सांप्रदायिक घटनाओं से तेज़ी से और सख्ती से निपटा जाना चाहिए.
यह भी पढ़ें: बांग्लादेश-लश्कर और हमास का खतरनाक ट्रांयगल... साजिश के नए गठजोड़ पर भारत की नजर
ऊर्जा सुरक्षा पर अमेरिका को जवाब
मेरिका में प्रस्तावित एक नए बिल, जो भारत के ऊर्जा निर्णयों को प्रभावित कर सकता है, पर प्रतिक्रिया देते हुए MEA ने साफ किया कि भारत की ऊर्जा नीतियां 140 करोड़ भारतीयों की ऊर्जा सुरक्षा और मार्केट डायनेमिक्स पर आधारित हैं. भारत इन घटनाक्रमों पर करीब से नजर रख रहा है.
ताइवान के पास चीन के सैन्य अभ्यास पर भारत ने शांति और स्थिरता बनाए रखने की अपील की है. विदेश मंत्रालय ने कहा कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में भारत के गहरे आर्थिक और समुद्री हित हैं, इसलिए सभी पक्षों को एकतरफा कार्रवाई और बल प्रयोग से बचकर बातचीत के जरिए मुद्दों को सुलझाना चाहिए.
प्रणय उपाध्याय