बार कॉउंसिल ने ममता बनर्जी की वकालत पर मांगा रिकॉर्ड, 2 दिन में जवाब तलब

ममता बनर्जी ने कोलकाता हाई कोर्ट में वकील की पोशाक पहनकर पेशी दी, जिसके बाद अदालत ने बार काउंसिल से उनके वकील के रूप में नामांकन और प्रैक्टिस से जुड़े आधिकारिक रिकॉर्ड मांगे हैं. BCI ने दो दिनों के भीतर रिकॉर्ड उपलब्ध कराने का आदेश दिया है और जांच के बाद आगे की कार्रवाई तय करेगा.

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BCI ने ममता बनर्जी की वकालत का रिकॉर्ड मांगा. (Photo: PTI) BCI ने ममता बनर्जी की वकालत का रिकॉर्ड मांगा. (Photo: PTI)

सृष्टि ओझा

  • कोलकाता,
  • 15 मई 2026,
  • अपडेटेड 2:36 PM IST

ममता बनर्जी की कोलकाता हाई कोर्ट के पेशी पर बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने पश्चिम बंगाल बार काउंसिल से आधिकारिक रिकॉर्ड मांगा है. ममता बनर्जी ने कोलकाता हाई कोर्ट में वकील की ड्रेस पहनकर पेशी की थी, जिसके बाद BCI इस रिकॉर्ड की मांग की है.

BCI ने पश्चिम बंगाल बार काउंसिल को आदेश दिया है कि वो दो दिनों के भीतर रिकॉर्ड मुहैया कराए. नोटिस में ये भी कहा गया है कि जवाब सिर्फ राज्य बार काउंसिल के आधिकारिक और उसी समय के रिकॉर्ड पर होना चाहिए.

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दरअसल, गुरुवार को ममता बनर्जी खुद कोलकाता हाई कोर्ट में आईं और वकील की पोशाक पहनी हुई थी. उनके पास सफेद पट्टी भी थी. इसके बाद BCI ने राज्य बार काउंसिल से रिकॉर्ड मांगने का आदेश दिया. 

पश्चिम बंगाल बार काउंसिल से निर्देशित किया है कि वो संबंधित रिकॉर्ड 16 मई 2026 से पहले उपलब्ध कराएं. BCI ने विशेष रूप से यह जानकारी मांगी है कि क्या ममता बनर्जी का वकील के रूप में नामांकन सक्रिय है. अगर 2011–2026 के दौरान वे मुख्यमंत्री के रूप में वकालत नहीं कर रहीं थीं तो क्या उनकी प्रैक्टिस निलंबित की गई थी और क्या उन्होंने दोबारा शुरू करने के लिए आवेदन किया था.

राज्य बार काउंसिल से कहा गया है कि उनका जवाब सिर्फ आधिकारिक और समकालीन अभिलेखों पर आधारित होना चाहिए. BCI ने कहा है कि बार काउंसिल के नियम वकीलों के व्यवहार और शिष्टाचार बताते हैं, इसलिए ये देखना जरूरी है कि उनके पास क्या आधिकारिक दस्तावेज हैं.

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यह भी पढ़ें: वकील की ड्रेस में कलकत्ता HC पहुंचीं ममता बनर्जी, चुनाव बाद हिंसा मामले में खुद रखा पक्ष

क्या है पूरा मामला?

बता दें कि ममता बनर्जी 2011 से 2026 तक पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री रह चुकी हैं. हाल ही के चुनावों और उसके बाद हुई हिंसा से जुड़े मामलों में वो खुद वकील के भेष में कोर्ट पहुंची थीं और दलील पेश की थी. ममता बनर्जी के रिकॉर्ड पेश करने केके बाद BCI उन दस्तावेजों को देखेगा और आगे की कार्रवाई तय करेगा .

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