'कॉर्पोरेट से मिलकर मजदूरों का गला घोंट रहे...', नए लेबर कोड को लेकर सरकार पर बरसे खड़गे

राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने नए लेबर कोड्स का विरोध करते हुए सरकार को घेरा. उन्होंने कहा है कि ये लोग कॉर्पोरेट के साथ मिलकर मजदूरों का गला घोंट रहे हैं.

Advertisement
राज्यसभा से पारित हुआ इंडस्ट्रियल रिलेशंस बिल (Photo: ITG) राज्यसभा से पारित हुआ इंडस्ट्रियल रिलेशंस बिल (Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 12 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 8:51 PM IST

राज्यसभा में विपक्षी दलों के नेताओं ने इंडस्ट्रियल रिलेशंस (अमेंडमेंट) बिल का विरोध किया. इस बिल पर संक्षिप्त चर्चा का जब श्रम मंत्री मनसुख मंडाविया जवाब दे रहे थे, विपक्षी सदस्यों ने सदन से वॉकआउट कर दिया. विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि चार लेबर कोड जो इन्होंने बनाया है, वह मजदूरों का गला घोंटने की साजिश है.

उन्होंने कहा कि कॉर्पोरेट से मिलकर ये बिल रिपील कर ये सारे लोग मजदूरों का गला घोंट रहे हैं. मैं इसका विरोध करता हूं. कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने भी नए लेबर कोड का विरोध किया और लाए गए संशोधन बिल के लीगल पहलु का ध्यान रखते हुए इसका समर्थन करने की बात भी कही.

Advertisement

टीएमसी सांसद डोला सेन ने कहा कि ये नए लेबर कोड्स मजदूर विरोधी हैं. इस पर ऑल पार्टी कमेटी में चर्चा होनी चाहिए. ये मजदूर विरोधी हैं. डीएमके सांसद आर गिरिराजन ने भी इस बिल का विरोध किया और कहा कि यह बिल श्रमिकों के हित के लिए नहीं, श्रमिक हितों को कमजोर करने के लिए है. इसमें ट्रेड यूनियन रिप्रेजेंटेशन से लेकर कलेक्टिव बार्गेनिंग तक को कमजोर किया गया है.

वाईएसआरसीपी के सांसद अयोध्या रामी रेड्डी ने बिल का समर्थन किया. निरंजन बिशी ने नए नियमों को विरोध किया और कहा कि इसमें ट्रेड यूनियन एक्ट और अन्य कानूनों की प्राकृतिक न्याय की अवधारणा के खिलाफ है. यह मजदूरों के हितों को नष्ट करेगा. एआईएडीएमके सांसद डॉक्टर एम थंबीदुरई ने कहा कि श्रमिकों के हितों की सुरक्षा होनी चाहिए. लीगल फैक्ट का ध्यान रखते हुए हम भी इस बिल का समर्थन करते हैं.

Advertisement

लेफ्ट सांसद संदोष कुमार पी ने कहा कि ये लेबर कोड मजदूरों के हित के लिए नहीं हैं. ये पूरी तरह से मजदूर विरोधी हैं. हम इसका विरोध करते हैं. श्रम मंत्री मनसुख मंडाविया ने कहा कि इस बिल का विरोध नहीं करना चाहिए. हमें इंडस्ट्रीज का विरोध नहीं करना चाहिए. हमें इंडस्ट्रीज और मजदूरों के बीच संतुलन रखना चाहिए. उन्होंने कहा कि मजदूरों और इंडस्ट्रीज को आमने-सामने रखा गया आज तक. ऐसा करके हम आगे नहीं बढ़ सकते. इस बिल में हमने अपॉइंटमेंट लेटर देने का भी प्रावधान किया है.

यह भी पढ़ें: 'FIR करो या प्रिविलेज मोशन लाओ, मैं नहीं डरूंगा', राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना

मनसुख मंडाविया ने कहा कि महिलाओं और पुरुषों को समान वेतन देने की गारंटी ये चार लेबर कोड देते हैं. उन्होंने कहा कि नए लेबर कोड 40 साल से अधिक उम्र के मजदूरों को साल में एक हेल्थ चेकअप की गारंटी देता है. मनसुख मंडाविया ने ईएसआईएस का हॉस्पिटल होता है. उसमें मजदूर के बेटे-बेटी को रिजर्वेशन दिया गया.

यह भी पढ़ें: 'चार नए लेबर कोड श्रमिकों की गुलामी का दस्तावेज...', संसद में विपक्ष की मांग- वापस ले सरकार

उन्होंने कहा कि हमने ऐसा ही एक मेडिकल कॉलेज एनके प्रेमचंद्रन के कहने पर उनके क्षेत्र में अप्रूव किया. मंडाविया ने कहा कि स्टेट को एक सर्टिफिकेट देना था, देने से मना कर दिया गया. आज ये मजदूरों के हितैषी बन रहे हैं. उन्होंने कहा कि हमने इन चार लेबर कोड से सुनिश्चित किया है कि मजदूरों का कल्याण हो, मजदूरों को सोशल सिक्योरिटी मिले.

Advertisement

यह भी पढ़ें: विपक्ष ने बताया श्रमिक विरोधी, मंडाविया बोले- हित में है... इंडस्ट्रियल रिलेशंस बिल लोकसभा से पारित

मनसुख मंडाविया ने कहा कि देश बदल रहा है, आगे बढ़ रहा है. 12 फरवरी को इन्होंने देश बंद करने की अपील की थी. देश की जनता ने कहा हम आपके साथ नहीं हैं. मजदूरों ने कहा हम आपके साथ नहीं हैं. फिर भी इनको समझ नहीं आ रहा है. विपक्षी सदस्य उनके जवाब की शुरुआत के साथ ही सदन से वॉकआउट कर गए.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement