कटक से कोलकाता तक... इन अस्पतालों में लगी आग ने ली सैकड़ों लोगों की जान, जानिए 6 बड़े 'अग्निकांड'

ओडिशा के SCB मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के ICU में लगी आग में कई मरीजों की मौत हो गई. इसके बाद अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था पर फिर सवाल खड़े हो गए हैं. पिछले कुछ वर्षों में कोलकाता से मुंबई और झांसी से जयपुर तक कई अस्पतालों में आग की घटनाएं हुई हैं.

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इस हादसे में 10 लोगों की मौत हो गई. (Photo: ITGD) इस हादसे में 10 लोगों की मौत हो गई. (Photo: ITGD)

aajtak.in

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  • 16 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 6:39 PM IST

ओडिशा के कटक स्थित सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के ICU में सोमवार को भीषण आग लगने से कम से कम दस मरीजों की मौत हो गई. इस हादसे के बाद एक बार फिर देश में अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था और अग्नि सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं.

मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के मुताबिक, मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश के दौरान अस्पताल के करीब 11 कर्मचारी भी झुलस गए. हादसे के बाद पूरे अस्पताल परिसर में अफरातफरी का माहौल बन गया और कई मरीजों को दूसरे वार्ड में शिफ्ट करना पड़ा है.

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मुख्यमंत्री ने इस अग्निकांड की जांच के लिए फैक्ट फाइंडिंग टीम का गठन किया है. हालिया वर्षों में देश के अलग-अलग हिस्सों में अस्पतालों में आग लगने की कई बड़ी घटनाएं सामने आई हैं. इनमें बड़ी संख्या में मरीजों की जान चली गई. आइए उन घटनाओं के बारे में जानते हैं.

कोलकाता में लगी आग से 90 लोगों की मौत

9 दिसंबर 2011 को कोलकाता के सात मंजिला AMRI अस्पताल की एनेक्स बिल्डिंग के बेसमेंट में सुबह-सुबह आग लग गई थी. आग के बाद फैले जहरीले धुएं के कारण दम घुटने से 90 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी. मरने वालों में ज्यादातर मरीज शामिल थे. यह देश के सबसे बड़े अस्पताल अग्निकांडों में से एक माना जाता है.

मुंबई ड्रीम्स मॉल में आग से 9 लोगों की मौत

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25 और 26 मार्च 2021 की दरमियानी रात मुंबई के ड्रीम्स मॉल में भीषण आग लग गई थी. इस मॉल में कोविड मरीजों के लिए एक विशेष अस्पताल बनाया गया था. आग पर काबू पाने में करीब 40 घंटे से ज्यादा समय लगा. इस दौरान नौ लोगों की मौत हो गई. मरने वालों में वेंटिलेटर पर रखे गए मरीज भी शामिल थे.

विरार का विजय वल्लभ अस्पताल हादसा

23 अप्रैल 2021 को महाराष्ट्र के पालघर जिले के विरार स्थित विजय वल्लभ अस्पताल के ICU में आग लगने से बड़ा हादसा हुआ था. इस आग में कोविड-19 से जूझ रहे 15 मरीजों की मौत हो गई थी. इस हादसे ने उस समय पूरे देश को झकझोर दिया था, क्योंकि यह घटना कोरोना महामारी की दूसरी लहर के दौरान हुई थी.

भरूच के पटेल अस्पताल में अग्निकांड

1 मई 2021 को गुजरात के भरूच में एक चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा संचालित पटेल वेलफेयर अस्पताल में सुबह आग लग गई थी. इस हादसे में 18 लोगों की मौत हो गई. मरने वालों में कोविड-19 के 16 मरीज और दो ट्रेनी नर्सें शामिल थीं. यह घटना भी महामारी के दौर में सामने आई थी. अस्पतालों में सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े हुए थे.

झांसी मेडिकल कॉलेज में NICU हादसा

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15 नवंबर 2024 को उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में स्थित महारानी लक्ष्मी बाई मेडिकल कॉलेज के NICU में आग लग गई थी. इस हादसे में कम से कम 10 बच्चों की मौत हो गई. शुरुआती जांच में आग लगने की वजह बिजली का शॉर्ट सर्किट मानी गई थी.

जयपुर के SMS अस्पताल में अग्निकांड

6 अक्टूबर 2025 को जयपुर के सरकारी सवाई मान सिंह (SMS) अस्पताल के न्यूरो ICU में भीषण आग लग गई थी. इस हादसे में क्रिटिकल केयर सपोर्ट पर रखे गए छह मरीजों की मौत हो गई थी. इन घटनाओं से साफ है कि अस्पतालों में आग लगने के मामले समय-समय पर सामने आते रहे हैं. 

अग्नि सुरक्षा व्यवस्था कितनी मजबूत

कटक का ताजा हादसा एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर रहा है कि मरीजों की सुरक्षा के लिहाज से अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था कितनी मजबूत है. भविष्य में ऐसी त्रासदियों को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे. क्या भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा मानक स्थापित किए जाएंगे?

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