लोकसभा गुरुवार को संसद का विशेष सत्र हंगामेदार रहा. विपक्ष ने साफ कहा कि, सरकार की मंशा भरोसेमंद नहीं है. वह महिला आरक्षण के पक्ष में हैं, लेकिन इससे परिसीमन को अलग कर लिया जाए तो ही. महिला आरक्षण एक छलावा है जिसकी आ़ड़ में बैकडोर से परिसीमन लागू करने की बात कही जा रही है.
प्रियंका गांधी ने कहा कि महिला आरक्षण के साथ परिसीमन जोड़ना असल में महिला आरक्षण को रोकना ही है. तमाम प्रश्नों के बीच सबसे बड़ा सवाल ये उठा का 850 का आंकड़ा कहां से आया? किस आधार सरकार 850 सीटों की बात कर रही है.
नैरटिव गढ़ा जा रहा है- अमित शाह
गृहमंत्री अमित शाह ने संसद में कहा कि एक नैरेटिव गढ़ा जा रहा है कि 3 बिलों से साउथ के राज्यों की लोकसभा सीटें कम हो जाएंगी. उन्होंने कहा, 'लोकसभा की कुल 543 सीटों में दक्षिण राज्यों की 129 सीटें हैं. परिसीमन के बाद यह बढ़कर 195 हो जाएंगी. तमिलनाडु की सीटें 39 से बढ़कर 59 होंगी.' उन्होंने साफ कहा कि दक्षिण के राज्यों की शक्ति बिल्कुल कम नहीं होगी, दक्षिण के राज्यों में इस बिल को लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है.
अमित शाह ने कहा कि यह भी झूठ है कि सरकार जातीय जनगणना नहीं कराना चाहती. जनगणना दो हिस्सों में होती है पहले मकानों को इंगित किया जाता है. फिर निवासियों से पूछा जाता है. 850 का आंकड़ा कहां से आया, ये भी समझाता हूं. मानों 100 सीटें हैं जिसमें 33% आरक्षण देना है तो उसमें 50 सीटें बढ़ाते है तो सीटें 150 होती हैं. 850 राउंड ऑफ फिगर है
क्या है 850 सीटों का लॉजिक
अमित शाह ने लोकसभा में सांसदों की संख्या को बढ़ाकर 850 करने के तर्क को भी समझाया. गृह मंत्री ने कहा, "850 का जो आंकड़ा है वो इस तरह से बना है कि काल्पनिक रूप से सोच ले की 100 सीटें हैं. अगर 33% माताओं को आरक्षण देना है तो उसमें 50% बढाते हैं, तो सीटें होती है 150.
816 होगी एक्जैक्ट संख्या
जब 150 का 33 फीसदी करते हैं तो 100 सीटें नैचुरल रूप से बच जाती है, अभी 543 सदस्य हैं, इसमें 50 फीसदी वृद्धि होगी, इसका 33% जब माताओं के लिए रिजर्व हो जाएगा तब 543 की 543 सीटें ओपन रहेंगी जहां पर महिलाएं भी लड़ सकती हैं. तो ये 50 फीसदी की बढ़ोतरी इसी तरह से आई है. 850 राउंड अप फिगर है. 816 एक्जैक्ट संख्या होगी.
'कर्नाटक को भी नहीं होगा कोई नुकसान'
गृह मंत्री ने कहा कि कर्नाटक राज्य का लोकसभा के 543 में सदस्यों में 28 सांसद हैं. कर्नाटक का लोकसभा में प्रतिनिधित्व 5.15 प्रतिशत है. बिल पारित होने और संविधान संशोधन होने के बाद कर्नाटक के सांसदों की संख्या 28 से बढ़कर 42 हो जाएगी. और लोकसभा में कर्नाटक का प्रतिनिधित्व 5.14 प्रतिशत हो जाएगा. इस तरह से कर्नाटक को जरा भी नुकसान नहीं होगा.
आंध्र प्रदेश का जिक्र करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि आंध्र प्रदेश की 25 सीटें हैं, और लोकसभा में आंध्र प्रदेश का प्रतिनिधित्व 4.60 प्रतिशत है, इस बिल के पास होने के बाद आंध्र प्रदेश की सीटें हो जाएगी 38 और लोकसभा में आंध्र की हिस्सेदारी 4.65 फीसदी हो जाएगी.
तेलंगाना की स्थिति बताते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि अभी 543 सीटों के सदन में तेलंगाना की सीटें 17 हैं, लोकसभा में तेलंगाना की हिस्सेदारी 3.13 प्रतिशत है, परिसीमन के बाद तेलंगाना की लोकसभा सीटें हो जाएंगी 26 और लोकसभा में हिस्सेदारी हो जाएगी 3.18 प्रतिशत. तमिलनाडु के बारे में भी गृह मंत्री ने स्थिति स्पष्ट की.
तमिलनाडु की डीएमके सरकार इस बदलाव का सबसे मुखर विरोध कर रही है. गृह मंत्री ने कहा कि अभी लोकसभा में तमिलनाडु के 39 सांसद हैं, और लोकसभा में तमिलनाडु का प्रतिनिधित्व 7.18 प्रतिशत है, परिसीमन के बाद तमिलनाडु के सांसदों की संख्या बढ़कर 59 हो जाएगी और तमिलनाडु की हिस्सेदारी 7.23 प्रतिशत हो जाएगी. गृह मंत्री ने कहा कि नए सदन में सांसदों की कुल संख्या 816 होगी.
दक्षिण भारत के आखिरी राज्य केरल का जिक्र करते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि केरल की अभी 20 सीटें हैं और यहां की हिस्सेदारी 3.68 प्रतिशत है, लेकिन परिसीमन लागू होने के बाद केरल की सीटें 30 हो जाएगी और हिस्सेदारी 3.67 प्रतिशत हो जाएगी.
दक्षिण के राज्यों की ताकत बढ़ेगी
गृहमंत्री ने आश्वस्त किया कि किसी भी दक्षिण राज्य की शक्ति घटेगी नहीं बल्कि बढ़ेगी. ये मैं अमित शाह भारत का गृह मंत्री कह रहा हूं
अमित शाह ने कहा कि अभी 543 सीटों में दक्षिण के राज्यों की भागीदारी 129 सांसदों की है. जबकि दक्षिण के राज्यों की भागीदारी 23.76 प्रतिशत है. परिसीमन के बाद यानी कि लोकसभा की सीटों में 50 प्रतिशत बढ़ोतरी के बाद दक्षिण के राज्यों की सांसद संख्या 816 सांसदों के सदन में 195 हो जाएगी और भागीदारी 23.97 प्रतिशत हो जाएगी.
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