लोकसभा में बजट सत्र के बीच विपक्षी सांसदों ने मंगलवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को लेकर नोटिस भेजा था. लोकसभा सूत्रों की मानें तो इस नोटिस में कुछ कमियां पाई गई हैं, ऐसे में इसे खारिज किया जा सकता है. वहीं, लोकसभा से निलंबित आठ विपक्षी सांसदों का निलंबन भी बरकरार रहेगा.
ओम बिरला को पद से हटाने के लिए भेजे गए नोटिस में फरवरी 2025 की घटनाओं का चार बार उल्लेख है. स्पीकर ने सचिवालय को निर्देश दिया कि इस नोटिस में सुधार करवाया जाए और फिर नियमों के मुताबिक इस पर कार्यवाही की जाए.
बता दें कि विपक्ष का भेजा गया ये नोटिस बजट सत्र के दूसरे चरण के शुरू होने के बाद सूचीबद्ध होगा. नोटिस में मौजूद गलतियां सुधारने के बाद इसका परीक्षण किया जाएगा.
बरकरार रहेगा विपक्षी सांसदों का निलंबन
लोकसभा में हंगामा करने के आरोप में 3 फरवरी को कांग्रेस के 7 और सीपीएम के एक सांसद को निलंबित कर दिया गया था. अब सरकार के शीर्ष सूत्रों ने बताया कि लोकसभा में जारी हंगामे को खत्म करने के लिए भले ही विपक्ष के साथ सहमति बन गई हो, इसके बावजूद निलंबित आठ सांसदों की बहाली नहीं होगी.
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इन 8 सांसदों पर राहुल गांधी को बोलने की अनुमति न दिए जाने के विरोध में सदन में हंगामा करने और चेयर की ओर कागज फाड़कर फेंकने के आरोप हैं. ये सांसद पूरे बजट सत्र की अवधि तक सस्पेंड रहेंगे.
किन सांसदों को किया गया सस्पेंड?
निलंबित सांसदों में कांग्रेस के मणिक्कम टैगोर, अमरिंदर सिंह राजा, गुरजीत सिंह औजिला, हिबी ईडन, डीन कुरियाकोस, प्रशांत पडोले, किरण कुमार रेड्डी तथा सीपीएम के एस. वेंकटेशन शामिल हैं.
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स्पीकर के चैंबर में हंगामा करने वालों पर भी हो सकती है कार्रवाई
स्पीकर के चैंबर में हंगामा करने और वहां का वीडियो बनाने वाले सांसदों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है. लोकसभा सचिवालय के सूत्रों ने बताया कि स्पीकर का चैंबर सदन का अभिन्न हिस्सा है, जहां वीडियो रिकॉर्डिंग की इजाजत नहीं है.
पीयूष मिश्रा / हिमांशु मिश्रा