अभिषेक बनर्जी के घर पहुंची कोलकाता पुलिस, अवैध निर्माण का मिला था नोटिस

अभिषेक बनर्जी के 188ए हरीश मुखर्जी रोड स्थित आवास पर सोमवार को पुलिस पहुंची. कहा जा रहा है कि यह कार्रवाई कोलकाता नगर निगम की ओर से जारी किए गए एक नोटिस के बाद हुई है.

Advertisement
अभिषेक बनर्जी के घर पर पहुंची कोलकाता पुलिस. (Photo: PTI) अभिषेक बनर्जी के घर पर पहुंची कोलकाता पुलिस. (Photo: PTI)

अनुपम मिश्रा

  • कोलकाता,
  • 25 मई 2026,
  • अपडेटेड 5:09 PM IST

तृणमूल कांग्रेस पार्टी के नेता और ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी के आवास पर कोलकाता पुलिस पहुंची. भारी संख्या में पुलिसबल अभिषेक बनर्जी के आवास पर तैनात दिखा.

अभिषेक बनर्जी के 188ए हरीश मुखर्जी रोड स्थित आवास पर सोमवार को पुलिस पहुंची. कहा जा रहा है कि यह कार्रवाई अवैध निर्माण को लेकर कोलकाता नगर निगम की ओर से जारी किए गए एक नोटिस के बाद हुई है. हालांकि, पुलिस के वहां पहुंचने का आधिकारिक कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है.

Advertisement

यह नोटिस अभिषेक बनर्जी के घर के कई हिस्सों में कथित तौर पर अवैध निर्माण से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है. दरअसल अभिषेक को इस मामले में सात दिनों का नोटिस दिया गया था. सूत्रों के अनुसार, सात दिनों के समयसीमा की यह अवधि आज समाप्त हो गई है. अभिषेक नोटिस का समय पर जवाब नहीं दे पाए थे, जिस वजह से पुलिस उनके आवास पर पहुंची. 

शांतिनिकेतन के अलावा अभिषेक बनर्जी के माता-पिता से जुड़ी संपत्तियों और उनकी कंपनी लीपस एंड बाउंस को भी नगर निगम की ओर से नोटिस जारी किया गया है.

पुलिस की टीम लगभग एक घंटे तक अभिषेक के आवास पर रहने के बाद शाम तकरीबन पांच बजे लौट गई. इस मामले पर ना तो अभिषेक बनर्जी और ना ही टीएमसी की ओर से किसी तरह का बयान जारी किया गया है. 

Advertisement

इससे पहले राज्य की शुभेंदु सरकार ने अभिषेक बनर्जी की जेड प्लस सिक्योरिटी वापस ले ली थी. इसके अलावा कालीघाट स्थित उनके आवास और कैमैक स्ट्रीट पर उनके ऑफिस कैंपस के बाहर तैनात पुलिसबल को भी वापस बुला लिया गया था.

बता दें कि इससे पहले बंगाल विधानसभा के चुनाव प्रचार के दौरान कथित भड़काऊ भाषण देने के मामले में बिधाननगर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में अभिषेक बनर्जी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी.

यह एफआईआर सामाजिक कार्यकर्ता राजीव सरकार की शिकायत के आधार पर दर्ज की गई थी. पुलिस में दर्ज की गई शिकायत के मुताबिक, आरोप लगाया कि अभिषेक बनर्जी ने 27 अप्रैल से 3 मई के बीच हुए कई चुनावी कार्यक्रमों के दौरान भड़काऊ बयान दिए. इन भाषणों से दुश्मनी को बढ़ावा मिला, सार्वजनिक शांति भंग हुई और इनमें केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को सीधे तौर पर धमकियां भी दी गईं.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement