इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज जस्टिस यशवंत वर्मा को पद से हटाने के लिए संसद में महाभियोग प्रस्ताव आया था. लोकसभा में आए इस प्रस्ताव पर स्पीकर ओम बिरला ने एक कमेटी का गठन भी कर दिया था. जस्टिस वर्मा पर लगे आरोप की जांच के लिए गठित इस कमेटी में स्पीकर ओम बिरला ने अब बदलाव किया है.
स्पीकर ओम बिरला की ओर से गठित इस कमेटी में अब मद्रास हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस मनीद्र मोहन श्रीवास्तव की जगह बॉम्बे हाईकोर्ट के मौजूदा चीफ जस्टिस चंद्र शेखर को शामिल किया गया है. मद्रास हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस मनींद्र मोहन श्रीवास्तव रिटायर हो रहे हैं. स्पीकर की ओर से पुनर्गठित कमेटी में यह एक बदलाव किया गया है.
सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस अरविंद कुमार की अगुआई वाली इस कमेटी में बॉम्बे हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस चंद्रशेखर के साथ ही कर्नाटक हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में सीनियर एडवोकेट विधिवेत्ता बीवी आचार्य शामिल हैं. यह मामला पिछले साल यानी मार्च 2025 में शुरू हुआ था. तब दिल्ली में जस्टिस यशवंत वर्मा के सरकारी आवास पर आग लगी थी.
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जस्टिस वर्मा के घर आग बुझाने के दौरान दमकल और पुलिसकर्मियों को मौके से करोड़ों रुपये के जले नोट मिले थे. इसकी जांच पहले सुप्रीम कोर्ट और बाद में संसद की समिति से हुई. संसद में सरकार की ओर से जस्टिस वर्मा को पद से हटाने के लिए महाभियोग प्रस्ताव लाया गया था.
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स्पीकर की ओर से गठित यह कमेटी जस्टिस वर्मा के खिलाफ शिकायत और साक्ष्यों की गहन जांच कर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी. इस मुद्दे पर जस्टिस वर्मा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी. जस्टिस वर्मा ने इस समिति की वैधता को चुनौती दी थी. सर्वोच्च न्यायालय ने कैश कांड में घिरे जस्टिस वर्मा की याचिका खारिज कर दी थी.
संजय शर्मा