उत्तर प्रदेश के अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम को लेकर सिर्फ भारत ही नहीं, पड़ोसी देश नेपाल के लोगों में भी उत्साह है. 22 जनवरी को अयोध्या में जब भव्य कार्यक्रम होगा, तो नेपाल में भी लोग पूजा-अर्चना करेंगे. यह कहना है भारत में नेपाल के राजदूत डॉ. शंकर प्रसाद शर्मा का. उन्होंने कहा कि हम एक हिंदू देश हैं, जिसकी बेटी माता सीता और दामाद राम भगवान हैं.
यही वजह है कि 500 से अधिक लोगों का जुलूस कई उपहारों को लेकर जनकपुर से अयोध्या पहुंच रहा है. जो उपहार ले जाए गए हैं उनमें आभूषण, कपड़े, रसोई के बर्तन शामिल हैं. गृह प्रवेश के लिए आवश्यक सभी चीजें इन उपहारों में शामिल की गई हैं. दरअसल, नेपाल की परंपरा है कि जब बेटी का गृह प्रवेश होता है, तो मायके से जरूरी चीजें उपहार स्वरूप भेजी जाती हैं.
नेपाल में 22 जनवरी को होगी विशेष पूजा और दीपोत्सव का कार्यक्रम
उन्होंने कहा कि नेपाल से पत्थर गए, लेकिन सालिग्राम पत्थर होने के कारण इन्हें तोड़ा नहीं जाना चाहिए. हालांकि, मुझे बताया गया है कि उन्हें गर्भगृह में रखा जाएगा. भगवान राम नेपाल के दामाद हैं. सीता जिस जनकपुर की रहने वाली हैं, उसे सजाया जाएगा. नेपाल में भी 22 जनवरी को विशेष पूजा-अर्चना और दीपोत्सव का आयोजन किया जा रहा है.
कई लोगों, राजनेताओं ने फोन कर मांगा निमंत्रण- बोले नेपाल के राजदूत
भारत में नेपाल के राजदूत ने कहा कि रामायण सर्किट का महत्वपूर्ण हिस्सा है जनकपुर. कई लोगों, राजनेताओं ने फोन कर निमंत्रण मांगा है. मैंने उनसे कहा है कि यह भारत सरकार का आह्वान है. हालांकि, नेपाल में सिविल सोसायटी के करीब 20 लोगों को आमंत्रित किया गया है. पूजा में भाग लेने के लिए नेपाल से एक पुजारी को भी आमंत्रित किया गया है.
गीता मोहन