वैश्विक ऊर्जा संकट और बाजार में बढ़ते दबाव के बीच, भारत सरकार अपने घरेलू उद्योगों को सुरक्षा देने के लिए एक बड़ा कदम उठाने जा रही है. सरकार चीन से आयात होने वाले सस्ते LNG टैंकों पर एंटी-डंपिंग ड्यूटी लगाने की तैयारी में है.
सरकारी जांच में पता चला है कि चीन से आने वाले सस्ते आयात भारतीय कंपनियों के व्यापार को नुकसान पहुंचा रहे हैं. वाणिज्य मंत्रालय की जांच के बाद अब वित्त मंत्रालय इस ड्यूटी को लगाने पर आखिरी फैसला जल्द ही लेगा.
इस पूरे मामले की शुरुआत 'आइनॉक्स इंडिया लिमिटेड' की एक शिकायत के बाद हुई थी. कंपनी ने आरोप लगाया था कि चीन से बेहद कम कीमतों पर LNG टैंक भारत भेजे जा रहे हैं.
शिकायत के बाद सरकार ने विस्तृत जांच शुरू की. इसमें पता चला कि चीनी कंपनियां इन टैंकों को 'डंप्ड प्राइसेज' (असल लागत से भी कम कीमत) पर बेच रही थीं. इन कम कीमतों की वजह से भारतीय निर्माताओं के लिए बाजार में टिकना मुश्किल हो रहा था और वो पिछड़ रहे थे.
चीन के इस कदम से भारतीय फर्में वित्तीय तनाव का सामना कर रही हैं. सस्ते आयात ने न सिर्फ घरेलू उत्पादों की मांग कम की है, बल्कि स्थानीय निर्माताओं के मुनाफे और प्रोडक्शन की क्षमता पर भी गहरा असर डाला है.
यह भी पढ़ें: भारत को एलएनजी की आपूर्ति बढ़ाएगा रूस
भारत की नीति अब 'लोकल प्लेयर्स' को विदेशी कंपनियों के अनुचित व्यापार तरीकों से बचाने की ओर मजबूती से बढ़ रही है. एंटी-डंपिंग ड्यूटी लगने से चीनी टैंकों की कीमत बढ़ जाएगी, जिससे भारतीय कंपनियों को बाजार में एक जैसे मौके मिल सकेंगे.
(इनपुट- चेतन भूटानी)
aajtak.in