भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने गुरुवार को ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान की नकारात्मक प्रचारबाजी पर तीखा प्रहार किया. उन्होंने कहा कि भारतीय सेना के सकारात्मक बयान ने पाकिस्तान के प्रोपेगैंडा और झूठ को पूरी तरह बेनकाब कर दिया है.
जनरल द्विवेदी ने जयपुर में 78वें सेना दिवस समारोह के दौरान कहा, हमने ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान के नकारात्मक प्रोपेगेंडा का मुकाबला अपनी सकारात्मकता से किया और हमारा प्रोपेगेंडा सच का प्रोपेगेंडा है.
सेना दिवस परेड में भारतीय सेना की सैन्य शक्ति का प्रदर्शन करने के बाद जनरल द्विवेदी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने क्षेत्र में नया कीर्तिमान (new normal) स्थापित कर दिया है.
स्वदेशी हथियारों पर देना होगा ध्यान
उन्होंने पिछले दशक को परिवर्तन का दशक बताते हुए कहा, 'हम न केवल वर्तमान के लिए, बल्कि भविष्य के युद्धों के लिए भी तैयारी कर रहे हैं. यदि हम लंबी लड़ाइयां जीतना चाहते हैं तो हमें स्वदेशी हथियारों पर ध्यान देना होगा.'
उन्होंने यूक्रेन-रूस युद्ध से सीखते हुए कहा, 'हमने देखा है कि कोई भी युद्ध की लंबाई की भविष्यवाणी नहीं कर सकता, चाहे वह यूक्रेन-रूस संघर्ष हो या ऑपरेशन सिंदूर. हमने ये भी सीखा कि छोटे रेजिमेंट अधिक फायदेमंद होते हैं.'
'अगर पाक करता कोई गलती तो...'
वहीं, मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में जनरल द्विवेदी ने खुलासा किया था कि यदि पाकिस्तान ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान कोई गलती की होती, तो भारतीय सेनाएं ग्राउंड ऑपरेशन शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार थीं.
उन्होंने कहा, 'उन 88 घंटों में आपने देखा कि सेना की मॉबिलाइजेशन इतनी प्रभावी थी कि यदि पाकिस्तान कोई गलती करता तो हम ग्राउंड ऑपरेशन शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार थे.'
सेना प्रमुख ने बताया कि पहले आकलन में लगता था कि पारंपरिक सैन्य कार्रवाई का दायरा सिकुड़ रहा है और तेजी से गैर-पारंपरिक युद्धों से परमाणु युद्धों की ओर बढ़ सकते हैं. हालांकि, ऑपरेशन सिंदूर में भारत की प्रतिक्रिया ने जमीनी हकीकत को बिल्कुल पलट दिया.
'ऑपरेशन सिंदूर'
बता दें कि पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारतीय सैन्य बलों ने पिछले साल मई में ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च कर पाकिस्तान और पीओके में स्थित 9 आतंकी ठिकानों को ध्वस्त कर दिया था. इस कार्रवाई में 100 से ज्यादा आतंकी मारे गए थे.
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