पेट्रोलियम मंत्रालय का बड़ा फैसला, अब 25 दिन से पहले नहीं होगी गैस बुकिंग, घरेलू ग्राहकों को प्राथमिकता

पश्चिम एशिया के युद्ध और ईंधन आपूर्ति में आई बाधाओं के बीच भारत सरकार ने एलपीजी (LPG) को लेकर नई गाइडलाइंस जारी की हैं. घरेलू रसोई गैस की कालाबाजारी रोकने के लिए बुकिंग के बीच 25 दिनों का अनिवार्य अंतर तय किया गया है, जबकि अस्पतालों को आपूर्ति में प्राथमिकता मिलेगी.

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अब 25 दिन से पहले नहीं होगी सिलेंडर की बुकिंग. (Photo: PTI) अब 25 दिन से पहले नहीं होगी सिलेंडर की बुकिंग. (Photo: PTI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 10 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 8:59 AM IST

पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव और ईंधन सप्लाई चेन बाधित होने से एलपीजी (Liquefied Petroleum Gas) की आपूर्ति पर दबाव बढ़ा है. भारत सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं की रसोई गैस की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए तेल रिफाइनरियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने और अतिरिक्त उत्पादन को घरेलू उपयोग के लिए समर्पित करने के आदेश दिए हैं. साथ ही गैस की जमाखोरी रोकने के लिए 25 दिनों के अंतराल से पहले सिलेंडर बुकिंग पर रोक लगाई गई है. गैर-घरेलू क्षेत्रों के लिए आपूर्ति की समीक्षा हेतु ओएमसी की कमेटी गठित की गई है. सरकार का उद्देश्य घरेलू गैस आपूर्ति को निरंतर बनाए रखना है.

मंत्रालय ने एक बयान में कहा, 'वर्तमान भू-राजनीतिक व्यवधानों और एलपीजी आपूर्ति में बाधाओं के मद्देनजर, मंत्रालय ने तेल रिफाइनरियों को उच्च एलपीजी उत्पादन के आदेश दिए हैं और ऐसे अतिरिक्त उत्पादन को घरेलू एलपीजी उपयोग के लिए निर्देशित किया है.' ये कदम घरेलू स्तर पर खाना पकाने वाली गैस की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है, क्योंकि भारत की एलपीजी आवश्यकताओं का बड़ा हिस्सा आयात पर निर्भर है जो वर्तमान संकट से प्रभावित हो रहा है.

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'कालाबाजारी पर रोक'

साथ ही सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए एलपीजी की राशनिंग और सख्त नियमों का सहारा लिया है. नई नीति के अनुसार, कोई भी उपभोक्ता 25 दिनों के अंतराल से पहले अगला सिलेंडर बुक नहीं कर पाएगा. इसका मुख्य उद्देश्य संकट के वक्त में गैस की जमाखोरी को रोकना है. मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि घरेलू सप्लाई को प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा और रिफाइनरियों को अपना पूरा ध्यान स्थानीय मांग को पूरा करने पर लगाने को कहा गया है.


होटल-रेस्टोरेंट के लिए बनेगी विशेष कमेटी

वहीं, गैर-घरेलू क्षेत्रों, जैसे होटल, रेस्टोरेंट और अन्य उद्योगों के लिए एलपीजी की आपूर्ति की समीक्षा करने के लिए ओएमसी (OMC) के तीन कार्यकारी निदेशकों (EDs) की एक कमेटी गठित की गई है. ये कमेटी विभिन्न उद्योगों के आवेदनों और जरूरतों की जांच करेगी. फिलहाल, आयातित गैस का कोटा केवल अस्पतालों और स्कूलों जैसे जरूरी संस्थानों के लिए ही आरक्षित रखा गया है. सरकार की प्राथमिकता इस कठिन वक्त में बुनियादी सुविधाओं और रसोई की जरूरतों को बिना किसी रुकावट के जारी रखने की है.

बता दें कि ये फैसला पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी, सचिव (MoPNG) और प्रमुख तेल विपणन कंपनियों-इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOCL), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) के साथ समन्वय में लिया गया है.

मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि इन उपायों का उद्देश्य करोड़ों भारतीय परिवारों की रसोई को सुरक्षित रखना है, खासकर ऐसे वक्त में जब वैश्विक आपूर्ति चेन प्रभावित हो रही है.

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