अब विदेशियों पर होगी कड़ी नजर, गृह मंत्रालय ने बदले इमिग्रेशन के नियम

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स रूल्स, 2025 में एक बड़ा संशोधन अधिसूचित किया है, जिसके तहत कम अवधि के वीजा पर आने वाले विदेशियों के लिए ठहरने की अवधि बढ़ाने से जुड़े नियमों को पहले से ज्यादा सख्त बना दिया गया है.

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इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स रूल्स, 2025 में बदलाव. (photo: ITG) इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स रूल्स, 2025 में बदलाव. (photo: ITG)

जितेंद्र बहादुर सिंह

  • नई दिल्ली,
  • 02 जून 2026,
  • अपडेटेड 12:20 PM IST

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने भारत में विदेशी नागरिकों की निगरानी और इमिग्रेशन प्रक्रिया को पहले से अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स रूल्स, 2025 में संशोधन करते हुए बड़ा बदलाव किया है. नए नियमों के तहत भारत आने वाले विदेशी नागरिकों को अपनी वीजा अवधि से ज्यादा रुकने के लिए वीजा अवधि खत्म होने से पहले रजिस्ट्रेशन कराना होगा.

गृह मंत्रालय द्वारा जारी G.S.R. 424(E) अधिसूचना के अनुसार, इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स रूल्स, 2025 में कई संशोधन किए गए हैं. नए नियमों के अनुसार, अब 180 दिन या उससे कम अवधि के वीजा पर भारत आने वाले उन विदेशी नागरिकों को, जो अपनी निर्धारित वीजा अवधि से आगे देश में रुकना चाहते हैं, अपनी 180 दिनों की तय समय सीमा समाप्त होने से पहले ही किसी भी समय अपना आधिकारिक रजिस्ट्रेशन अनिवार्य रूप से कराना होगा. कुछ विशेष परिस्थितियों (इमरजेंसी) में ही देरी से रजिस्ट्रेशन की अनुमति दी जाएगी.

मंत्रालय ने नियमों में बदलाव करते हुए भारतीय माता-पिता के बच्चों के लिए नागरिकता संबंधी विशेष प्रावधान जोड़े हैं. यदि बच्चा भारत में रहते हुए बाद में किसी भी अन्य देश की नागरिकता प्राप्त कर लेता है तो ऐसी स्थिति में माता-पिता को इसकी जानकारी 30 दिनों के अंदर पंजीकरण अधिकारी को देनी होगी. इसके अलावा अपील प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन बनाया गया है.

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विदेशी नागरिकों के लिए लागू पुराने नियम के तहत ये व्यवस्था काफी अलग थी. पहले भारत आने वाले विदेशी नागरिकों को अपनी तय अवधि यानी 180 दिन पूरे हो जाने के बाद भी अगले 14 दिनों के अंदर अपना रजिस्ट्रेशन कराने की कानूनी अनुमति दी गई थी, जिसे अब पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है.

गृह मंत्रालय द्वारा नियमों में किए गए इस बड़े बदलाव का मुख्य उद्देश्य भारत आने वाले विदेशी नागरिकों की देश में मौजूदगी की निगरानी को दुरुस्त करना है. इसके साथ ही पूरी इमिग्रेशन प्रक्रिया को डिजिटल और प्रशासनिक रूप से अधिक प्रभावी तथा पारदर्शी बनाना है, ताकि सुरक्षा बनी रहे.

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