भारत जल्द बहाल करेगा बांग्लादेश में सभी वीजा सेवाएं, ढाका-दिल्ली रिश्तों में सुधार के संकेत

भारत और बांग्लादेश के बीच रिश्तों में अब नरमी देखने को मिल रही है. शेख हसीना के शासनकाल के पतन के बाद दोनों देशों के संबंधों में कड़वाहट आ गई थी. लेकिन अब तारिक रहमान के सरकार में आने के बाद ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि दिल्ली और ढाका के बीच रिश्तों में सुधार हो सकता है. वीजा सेवाओं को बहाल करने को लेकर भी बड़ा अपडेट सामने आया है.

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2024 संकट के बाद भारत और बांग्लादेश के रिश्तों में सुधार (Photo: PTI) 2024 संकट के बाद भारत और बांग्लादेश के रिश्तों में सुधार (Photo: PTI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 19 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 7:19 PM IST

बांग्लादेश में शेख हसीना की सरकार के पतन के बाद भारत से धीरे-धीरे रिश्ते बिगड़ते गए. अब तारिक रहमान ने बांग्लादेश में प्रधानमंत्री पद की शपथ ली है तो दोनों देशों के बीच रिश्तों में सुधार के संकेत नज़र आ रहे हैं. बांग्लादेश में भारत के वरिष्ठ वाणिज्य दूत अधिकारी अनिरुद्ध दास ने कहा है कि जल्द ही दिल्ली बांग्लादेश में सभी वीजा सेवाओं को पूरी तरह से बहाल करेगा. 

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सिलेहट जिला प्रेस क्लब में बातचीत के दौरान अनिरुद्ध दास ने बताया कि फिलहाल भारत बांग्लादेश के लिए मेडिकल और डबल-एंट्री वीजा जारी किए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि ट्रैवल वीजा सहित अन्य वीजा कैटेगरी को फिर से शुरू करने की प्रक्रिया भी जारी है. 

अनिरुद्ध दास ने यह भी साफ किया कि भारत-बांग्लादेश संबंध आपसी सम्मान और गरिमा पर आधारित हैं, जो दोनों देशों के बीच गहरे हिस्टोरिकल और कल्चरल रिलेशन को दर्शाते हैं.

जुलाई-अगस्त 2024 के राजनीतिक आंदोलन के बाद दोनों देशों के बीच रिश्तों में खटास आई थी, जब अवामी लीग की सरकार गिर गई और तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना को देश छोड़ना पड़ा. इसके बाद भारत को बांग्लादेश में अपनी कूटनीतिक मिशनों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ा. दिसंबर 2025 में भारत ने वीजा सेवाओं को चरणबद्ध रूप से निलंबित करना शुरू किया, जिसमें ढाका स्थित भारतीय वीजा एप्लीकेशन सेंटर को भी बंद किया गया.

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इसके पहले अगस्त 2024 में अस्थिर हालात की वजह से सभी भारतीय वीजा एप्लीकेशन सेंटर अस्थायी रूप से बंद कर दिए गए थे. बाद में सेवाएं आंशिक रूप से बहाल की गईं, लेकिन केवल मेडिकल वीजा और सीमित श्रेणियों तक ही सीमित रहीं. मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अगस्त 2024 से पहले रोजाना लगभग 8 हजार वीजा जारी होते थे, जो घटकर लगभग 1500 तक रह गए थे.

नवंबर 2025 में ढाका, चिटगांव, खुलना और राजशाही के वीजा केंद्र बंद हो गए, जिसका जवाब बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने भी भारत में स्थित अपने वाणिज्य दूतावासों में वीजा सेवाएं निलंबित कर के दिया.

12 फरवरी 2026 को हुए चुनाव के बाद बीएनपी प्रमुख तारीक रहमान के प्रधानमंत्री बनने के साथ दोनों देशों के रिश्तों में सुधार की उम्मीद जगी है. अनिरुद्ध दास ने कहा कि दोनों देशों के आम लोग इस स्थिर और सकारात्मक संबंध के सबसे बड़े हितधारक होंगे.

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