तमिलनाडु में फेंगल साइक्लोन मचाएगा कहर! तीन जिलों में आज भारी बारिश का रेड अलर्ट, सीएम स्टालिन ने बुलाई हाईलेवल मीटिंग

मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने एहतियाती उपायों की समीक्षा के लिए सचिवालय में हाईलेवल बैठक बुलाई. इस दौरान भारी बारिश की संभावना वाले क्षेत्रों में NDRF और SDRF की टीमों को तैनात करने का निर्देश दिया. कुल 17 टीमों को तैनात किया गया है, इसमें चेन्नई, तिरुवरुर, मयिलादुथुराई, नागपट्टिनम और कुड्डालोर और तंजावुर जिले शामिल हैं.

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तमिलनाडु के तीन जिलों में आज भारी बारिश का अलर्ट है (फोटो- PTI) तमिलनाडु के तीन जिलों में आज भारी बारिश का अलर्ट है (फोटो- PTI)

शिल्पा नायर

  • चेन्नई,
  • 27 नवंबर 2024,
  • अपडेटेड 1:26 PM IST

तमिलनाडु में फेंगल साइक्लोन के चलते भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने आज सुबह तमिलनाडु के तीन जिलों और पुडुचेरी के एक हिस्से में भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है. IMD ने तमिलनाडु के मयिलादुथुराई, नागपट्टिनम और थिरुवरुर जिले में और पुडुचेरी के कराईकल में बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है. साइक्लोन के चलते तमिलनाडु के कई हिस्सों में मंगलवार को बारिश हुई और भारत मौसम विज्ञान विभाग ने राज्य में अगले तीन दिनों तक भारी बारिश का अनुमान लगाया है. 

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इसी बीच मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने एहतियाती उपायों की समीक्षा के लिए सचिवालय में हाईलेवल बैठक बुलाई. इस दौरान भारी बारिश की संभावना वाले क्षेत्रों में NDRF और SDRF की टीमों को तैनात करने का निर्देश दिया. कुल 17 टीमों को तैनात किया गया है, इसमें चेन्नई, तिरुवरुर, मयिलादुथुराई, नागपट्टिनम और कुड्डालोर और तंजावुर जिले शामिल हैं.

चेन्नई और आसपास के जिले चेंगलपेट, कांचीपुरम और तिरुवल्लूर, उत्तरी तटीय शहर कुड्डालोर और नागपट्टिनम सहित कावेरी डेल्टा में मंगलवार को भारी बारिश हुई, कई इलाकों में मध्यम तो कुछ जगहों पर झमाझम बरसात हुई.

बारिश के कारण मुख्य ओएमआर रोड समेत कई इलाकों में भारी जाम के हालात पैदा हो गए. सड़कों पर पानी भर गया. इसके साथ ही चेन्नई में 7 फ्लाइट्स की लैंडिंग में देरी हुई.

चेन्नई निगम सीमा के अंतर्गत आने वाले इलाकों में 5.35 सेमी बारिश हुई और सबसे अधिक बारिश मनाली न्यू टाउन (13.31 सेमी) में हुई. सरकार ने कहा कि नागपट्टिनम में 11 सेमी, मयिलादुथुराई में 8.9 सेमी, चेंगलपेट में 8.4 सेमी और तिरुवरुर में  7.9 सेमी भारी बारिश हुई. जरूरत पड़ने पर इस्तेमाल के लिए 1,634 राहत केंद्र तैयार हैं और अभी तक ऐसी स्थिति नहीं आई है कि राज्य में कहीं भी इनका इस्तेमाल किया जाए. 

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सरकारी कंपनी आविन ने कहा कि लोगों को दूध की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए उसने सभी कदम उठाए हैं. उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन ने शहरी क्षेत्रों का निरीक्षण करने के बाद अधिकारियों को रखरखाव कार्य जारी रखने की सलाह दी, ताकि जलभराव को रोका जा सके, रखरखाव के तहत नहरों से गाद निकालने का काम जारी है.

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