फर्जी दस्तावेज, वायरल वीडियो और 'एंटी मोदी' पोस्ट से आए रडार पर… कौन है मेहदी हसन?

मेहदी हसन, जिसे अहमद रजा हसन मेहदी भी बताया जा रहा है, पर बांग्लादेश में एक हिंदू पुलिस अधिकारी की हत्या का आरोप है. दावा है कि एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें उसने कथित तौर पर इस हत्या की बात कबूल की थी. बताया जा रहा है कि वह फर्जी दस्तावेजों के जरिए इमिग्रेशन क्लियर कर यूरोप जाने की कोशिश कर रहा था.

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अहमद रजा हसन मेहदी ने दावा किया था कि उसने हिंदू पुलिस अधिकारी की हत्या की है. (File Photo- ITG) अहमद रजा हसन मेहदी ने दावा किया था कि उसने हिंदू पुलिस अधिकारी की हत्या की है. (File Photo- ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली ,
  • 19 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 3:59 PM IST

दिल्ली एयरपोर्ट पर हिरासत में लिए गए मेहदी हसन अब जांच एजेंसियों के रडार पर हैं. बताया जा रहा है कि वह कथित तौर पर यूरोप भागने की कोशिश कर रहा था, तभी उसे रोका गया. हिरासत के दौरान उससे उसके सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर भी पूछताछ हुई.

15 फरवरी की पोस्ट से बढ़ी हलचल

सूत्रों के मुताबिक, 15 फरवरी को मेहदी हसन ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर 'एंटी मोदी आंदोलन 2026' लिखकर पोस्ट किया था. यह पोस्ट इंटेलिजेंस एजेंसियों के ध्यान में आई और इसके बाद उसकी गतिविधियों पर नजर रखी जाने लगी.

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जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह पोस्ट सिर्फ एक सामान्य राजनीतिक टिप्पणी थी या फिर किसी बड़े आंदोलन या लामबंदी का संकेत.

किन-किन से संपर्क में था?

एजेंसियां उसके कॉल डाटा रिकॉर्ड, ऑनलाइन नेटवर्क और अंतरराष्ट्रीय संपर्कों की भी जांच कर रही हैं. उसके डिजिटल कम्युनिकेशन और यात्रा से जुड़े रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं. अधिकारियों का कहना है कि यह सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत की जा रही सामान्य प्रक्रिया है.

दिल्ली एयरपोर्ट पर उससे यह भी पूछा गया कि क्या उसके किसी एंटी-इंडिया तत्व से संबंध हैं या वह किसी तरह की अशांति फैलाने की योजना बना रहा था.

यह भी पढ़ें: दिल्ली में दबोचा गया बांग्लादेशी हिंदू अफसर का हत्यारा, यूरोप भागने की फिराक में था आरोपी

बांग्लादेश से जुड़ा मामला

मेहदी हसन, जिसे अहमद रजा हसन मेहदी भी बताया जा रहा है, पर बांग्लादेश में एक हिंदू पुलिस अधिकारी की हत्या का आरोप है. दावा है कि एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें उसने कथित तौर पर इस हत्या की बात कबूल की थी. बताया जा रहा है कि वह फर्जी दस्तावेजों के जरिए इमिग्रेशन क्लियर कर यूरोप जाने की कोशिश कर रहा था. हिरासत में लेने के बाद उसे बांग्लादेश भेज दिया गया. फिलहाल जांच एजेंसियां उसके सोशल मीडिया पोस्ट, संपर्कों और यात्रा के पूरे नेटवर्क को खंगाल रही हैं.

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