एयरक्राफ्ट क्रैश की एक और दुखद खबर ने एविएशन सेफ्टी पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. इस हादसे में जान गंवाने वाले स्वराजदीप के घर में मातम छाया हुआ है. जिस बेटे के घर पहुंचने का इंतजार माता-पिता कर रहे थे, उसकी मौत की पुष्टि एक 'Email' ने की.
उड़ान भरने से ठीक पहले स्वराजदीप ने अपने परिवार को फोन किया था. उन्होंने कहा था कि वे रांची से दिल्ली जा रहे हैं और लैंडिंग के बाद फिर से बात करेंगे. जब दो घंटे बाद परिवार ने संपर्क करने की कोशिश की, तो फोन बंद मिला. इसके बाद न्यूज चैनलों पर विमान क्रैश की खबरें चलने लगीं.
घंटों के इंतजार और अनहोनी के डर के बीच अंततः संबंधित कंपनी ने एक ईमेल भेजकर स्वराजदीप की मौत की आधिकारिक पुष्टि की. पायलट स्वराजदीप के परिवार में उनका 3 महीने का बच्चा और पत्नी हैं, जिनसे उन्होंने 20 महीने पहले शादी की थी.
मोहल्ले में मातम: एक होनहार बेटा खो दिया
पड़ोसियों और स्थानीय लोगों की आंखें नम हैं. स्वराजदीप को जानने वाले उन्हें एक बेहद दयालु और संस्कारी इंसान के रूप में याद करते हैं.
अमरदीप सिंह और मुख्तियार सिंह ने बताया, "अपने जवान बेटे को इस तरह खोना किसी भी परिवार के लिए असहनीय है. वह अपने माता-पिता का गर्व था."
पूरे मोहल्ले के घरों में चूल्हे नहीं जले हैं. लोग पीड़ित परिवार को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं, लेकिन माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है.
कब तक ऐसे ही गिरते रहेंगे विमान?
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश भी है. उन्होंने सरकार और नागरिक उड्डयन मंत्रालय (DGCA) से कड़ी अपील की है कि एविएशन सेफ्टी को लेकर कड़े मानक तय किए जाएं. बार-बार हो रहे विमान हादसों की निष्पक्ष और पूरी जांच हो ताकि भविष्य में किसी और का 'स्वराजदीप' न छिपे. तकनीकी खामियों को नजरअंदाज करने वाली कंपनियों पर सख्त कार्रवाई हो.
सातों लोगों की मौत
झारखंड के रांची से 7 लोगों को दिल्ली ले जा रही एक एयर एंबुलेंस सोमवार को चतरा जिले के सिमरिया के पास एक वनक्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिससे उसमें सवार सातों लोगों की मौत हो गई. विमान ने शाम 7.11 बजे रांची हवाई अड्डे से उड़ान भरी थी और शाम करीब 7.30 बजे वह लापता हो गया. उड़ान भरने के लगभग 20 मिनट बाद हवाई यातायात नियंत्रण (ATC) से उसका संपर्क टूट गया था. सभी सात लोगों के शव बरामद कर लिए गए हैं. मृतकों की पहचान कैप्टन विवेक विकास भगत, कैप्टन सवराजदीप सिंह, संजय कुमार, डॉ. विकास कुमार गुप्ता, सचिन कुमार मिश्रा, अर्चना देवी और धुरु कुमार के रूप में हुई है.
अमन भारद्वाज