दिल्ली के मालवीय नगर में अरुणाचल प्रदेश की तीन युवतियों पर उनकी पड़ोसी द्वारा की गई नस्लिय और आपमानजनक टिप्पणी का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. इस मामले पर पूर्वोत्तर के नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है और पीड़ितों को सुरक्षा प्रदान करने की अपील की है. मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह, अरुणाचल के सीएम पेमा खांडू और मेघालय के सीएम कोनराड संगमा ने इन वारदातों को देश की गरिमा पर हमला बताया है. इन घटनाओं के विरोध में विपक्षी नेता गौरव गोगोई ने भी अधिकारियों से दोषियों की जवाबदेही तय करने और पीड़ितों को सुरक्षा प्रदान करने की अपील की है.
इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए दिल्ली पुलिस से आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. उन्होंने एक्स पर दिल्ली पुलिस को टैग करते हुए लिखा, 'दिल्ली के मालवीय नगर में रहने वाली अरुणाचल प्रदेश की हमारी तीन युवा बहनों के साथ हुई नस्लीय दुर्व्यवहार की हम कड़ी निंदा करते हैं. ऐसा व्यवहार बिल्कुल अस्वीकार्य है और हमारे समाज में इसकी कोई जगह नहीं है.'
'दिल्ली पुलिस आयुक्त से की बात'
उन्होंने कहा, 'कल इस मामले की जानकारी मिलते ही मैंने दिल्ली पुलिस आयुक्त से बात की और उनसे त्वरित और सख्त कार्रवाई की मांग की. पुलिस आयुक्त व्यक्तिगत रूप से मेरे संपर्क में हैं. आरोपी फिलहाल फरार हैं और मुझे आश्वासन दिया गया है कि उन्हें जल्द से जल्द गिरफ्तार कर कानून के अनुसार सजा दी जाएगी. हम अपनी तीनों बहनों के साथ मजबूती से खड़े हैं और उनकी सुरक्षा, सम्मान और न्याय हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है.'
बीरेन ने भी की आलोचना
इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए मणिपुर के पूर्व सीएम एन. बीरेन सिंह ने एक्स पर लिखा, दिल्ली के मालवीय नगर में हुई घटना से मैं बहुत दुखी हूं, जहां अरुणाचल प्रदेश की तीन महिलाओं के साथ कथित तौर पर नस्लीय गालियां और अपमानजनक टिप्पणियां की गईं.
उन्होंने कहा कि इस तरह का व्यवहार पूरी तरह अस्वीकार्य है और हमारे जैसे विविधतापूर्ण और लोकतांत्रिक राष्ट्र में इसकी कोई जगह नहीं है. किसी भी पूर्वोत्तर निवासी के प्रति नस्लवाद हमारी सामूहिक गरिमा पर हमला है. मैं इस कृत्य की कड़ी निंदा करता हूं और संबंधित अधिकारियों से त्वरित और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने की अपील करता हूं.
सख्त कार्रवाई की मांग तेज
नेताओं ने प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) और गृह मंत्रालय (HMO) को टैग करते हुए सख्त कानूनी कार्रवाई की अपील करते हुए कहा कि मैं समाज से पूर्वाग्रहों से ऊपर उठने और एकता, समझ और आपसी सम्मान के बंधन को मजबूत करने की अपील करता हूं. एक पूर्वोत्तर निवासी का अपमान हम सभी का अपमान है.
मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड के. संगमा ने भी निंदा की और कहा कि नस्लीय भेदभाव और महिलाओं का यौन उत्पीड़न सिर्फ सुर्खियां बनकर भुला नहीं दिया जाना चाहिए.
उन्होंने गोरखपुर के एआईएमएस में नागालैंड की एक रेजिडेंट डॉक्टर पर हुए नस्लीय और यौन उत्पीड़न का भी जिक्र किया, जहां तीन लोगों ने डॉक्टर को परेशान किया और 1.5 किमी तक पीछा किया.
संगमा ने कहा, 'ये शर्मनाक है. महिलाओं की मर्यादा भंग करना सभ्य समाज में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. वो भी आपकी बहनें और बेटियां हैं.'
'अपने देश में महसूस न हो पराया'
इसके अलावा कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने इस घटना को एक नियमित विवाद मानकर खारिज न करने की चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि दिल्ली में अरुणाचली महिलाओं के साथ हुआ व्यवहार इस बात का प्रमाण है कि उत्तर-पूर्व के लोगों के प्रति पूर्वाग्रह अभी भी समाज में मौजूद है.
गोगोई ने मांग की कि अधिकारियों को तेजी से कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि किसी भी नागरिक को अपने ही देश में पराया महसूस न हो.
उन्होंने समान नागरिकता के साथ-साथ समान सम्मान और सुरक्षा की वकालत की.
क्या है मामला
दरअसल, 20 फरवरी को दिल्ली के मालवीय नगर में पूर्वोत्तर की रहने वाली महिलाओं ने अपने किराए के फ्लैट में एयर कंडीशनर लगवा रही थी. इसी दौरान कुछ धूल-मिट्टी नीचे वाले फ्लैट में गिर गई. इसी को लेकर पड़ोसी में रहने वाली महिला ने उन पर नस्लीय और आपमानजनक टिप्पणियां की. इस घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.
वहीं, महिलाओं की शिकायत पर मालवीय नगर थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 79 (महिला की मर्यादा भंग करने वाले शब्द), 351(2) (आपराधिक धमकी), 3(5) (साझा इरादा) और 196 (धर्म, नस्ल, जन्म स्थान आदि के आधार पर दुश्मनी फैलाना) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है. धारा 196 गैर-जमानती और संज्ञेय अपराध है. पुलिस ने आरोपी दंपति के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है.
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