प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज, 14 अप्रैल 2026 को दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन कर दिया है. अब दिल्ली से देहरादून सिर्फ 2.5 से 3 घंटे में पहुंचा जा सकेगा. 210 किलोमीटर के दिल्ली-देहरादून हाईवे पर 113 अंडरपास, 10 इंटरचेंज, फूड कोर्ट जैसी आधुनिक सुविधाएं हैं. यह हाईवे राजाजी नेशनल पार्क और शिवालिक जंगलों से होकर गुजरता है. यहां एशिया का सबसे लंबा 12 किलोमीटर का एलिवेटेड वाइल्डलाइफ कॉरिडोर बनाया गया है. ऊपर गाड़ियां तेज रफ्तार से दौड़ेंगी और नीचे जंगली जानवर आराम से आ-जा सकेंगे.
आइए जानते हैं दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर क्या-क्या सुविधाएं हैं.
113 अंडरपास
एक्सप्रेसवे पर कुल 113 अंडरपास बनाए गए हैं. इनमें बड़े और छोटे दोनों शामिल हैं. ये गांवों के लोगों, पशुओं और स्थानीय यातायात को बिना रुकावट पार करने में मदद करते हैं.
10 इंटरचेंज
10 इंटरचेंज बनाए गए हैं, जिनसे आसानी से एक्सप्रेसवे पर चढ़ा-उतरा जा सकता है. ये हरिद्वार, मुजफ्फरनगर, शामली, बागपत, सहारनपुर जैसे शहरों से जुड़ाव देते हैं. यात्री बिना ज्यादा घूमे सीधे पहुंच सकेंगे.
12-14 फूड कोर्ट और वेजसाइड सुविधाएं
रास्ते में 12 से 14 जगहों पर वेजसाइड सुविधाएं (wayside amenities) बनाई गई हैं. यहां फूड कोर्ट, रेस्टोरेंट, पार्किंग, स्वच्छ टॉयलेट, पीने का पानी और आराम की जगह मिलेगी. हर 25-30 किलोमीटर पर एक सुविधा केंद्र है.
तस्वीरों में देखें कैसा बना है दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे
सर्विस रोड और एंट्री-एग्जिट पॉइंट
76 किलोमीटर लंबी सर्विस रोड बनाई गई है. जहां 16 एंट्री-एग्जिट पॉइंट हैं, जिससे आस-पास के इलाकों के लोग आसानी से जुड़ सकें.
वाइल्डलाइफ कॉरिडोर और जानवरों के लिए अंडरपास
एशिया का सबसे लंबा 12 किलोमीटर ऊंचा वाइल्डलाइफ कॉरिडोर है. दो 200 मीटर लंबे हाथी अंडरपास और 6-8 अन्य पशुओं के लिए अंडरपास बनाए गए हैं. राजाजी नेशनल पार्क में जानवर बिना खतरे के आ-जा सकते हैं.
बड़े पुल और रेलवे ओवरब्रिज
10 बड़े पुल, 2-5 रेलवे ओवरब्रिज और कई छोटे पुल हैं. डाट काली मंदिर के पास 370 मीटर लंबी सुरंग भी बनाई गई है.
इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग और पेट्रोल पंप
कई जगह EV चार्जिंग स्टेशन और पेट्रोल-डीजल पंप होंगे. पार्किंग में 10% जगह सिर्फ इलेक्ट्रिक गाड़ियों के लिए रिजर्व है.
सुरक्षा और इमरजेंसी सुविधाएं
एक्सप्रेसवे पर इमरजेंसी लेन, फर्स्ट एड रूम, एटीएम, टायर एयर और PUC चेकिंग की व्यवस्था है. सोलर लाइटिंग की भी व्यवस्था है.
हाई स्पीड और आरामदायक ड्राइविंग
6 लेन वाले इस एक्सप्रेसवे पर 100 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड लिमिट है.
पर्यटन, व्यापार और रोजगार को बढ़ावा
यह एक्सप्रेसवे उत्तराखंड के पर्यटन, कृषि और उद्योग को नई रफ्तार देगा. हरिद्वार, ऋषिकेश, देहरादून जैसे शहरों में नए मॉल, होटल और लॉजिस्टिक हब बनने की उम्मीद है.
aajtak.in