राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने जब डोकलाम का मुद्दा उठाया तो जमकर हंगामा मच गया. पहले शाम चार बजे तक सदन को स्थगित किया गया था और अब मंगलवार को दोपहर 12 बजे कर स्थगित कर दिया गया है. कांग्रेस का आरोप है कि राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर राहुल को सदन में बोलने नहीं दिया जा रहा है. कांग्रेस राष्ट्रीय सुरक्षा पर बहस की मांग कर रही है.
जिसके बाद सदन के बाहर राहुल गांधी ने मीडियाकर्मियों से बातचीत की. इस दौरान राहुल ने कहा कि यह सेना प्रमुख मनोज मुकुंद नरवणे की बात है. यह वही है जो आर्मी चीफ ने अपनी किताब में लिखा है. उस किताब को प्रकाशित होने की अनुमति नहीं दी जा रही है. वह लंबित पड़ी है.
यह आर्मी चीफ का दृष्टिकोण है. उनका नजरिया है. सवाल यह है कि वे आर्मी चीफ से इतने डरे हुए क्यों हैं. वे इस बात से क्यों डर रहे हैं कि आर्मी चीफ ने क्या लिखा है. लोग इससे सीखेंगे. निश्चित रूप से वे प्रधानमंत्री के बारे में भी कुछ सीखेंगे. वे राजनाथ सिंह के बारे में भी कुछ जानेंगे. लेकिन वे सेना के बारे में भी सच्चाई जानेंगे. और यह भी जानेंगे कि सेना को किस तरह निराश किया गया. यह देश के राजनीतिक नेतृत्व द्वारा किया गया.
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उन्होंने कहा, मैं यही कहने की कोशिश कर रहा हूं कि पूर्व आर्मी चीफ नरवणे ने अपनी किताब में प्रधानमंत्री और राजनाथ सिंह के बारे में साफ़-साफ लिखा है. यह बात एक आर्टिकल में आई है. मैं उसी आर्टिकल को कोट कर रहा हूं. लेकिन मुझे बोलने नहीं दिया जा रहा है.
मैं यह नहीं कह रहा हूं कि मैंने यह लिखा है. पूर्व आर्मी चीफ नरवणे ने यह किताब लिखी है. वे लोग डरे हुए हैं. क्योंकि अगर यह किताब सामने आ गई, तो नरेंद्र मोदी और राजनाथ सिंह की असली सच्चाई लोगों को पता चल जाएगी. लोगों को यह भी पता चल जाएगा कि जब चीन हमारे सामने खड़ा था और आगे बढ़ रहा था, तब 56 इंच की छाती का क्या हुआ था.”
बीजेपी ने शेयर किया पूर्व आर्मी चीफ नरवणे का पुराना वीडियो
भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने एक्स पर पूर्व आर्मी चीफ नरवणे का एक पुराना वीडियो शेयर किया है. इस वीडियो में नरवणे बता रहे हैं कि डोकलाम विवाद के दौरान भारत की एक इंच जमीन भी नहीं खोई. नरवणे उस वीडियो में बता रहे हैं कि हालात वैसे हीं हैं जो इस टकराव के पहले था.
अमित शाह ने क्या कहा?
जब सदन में राहुल गांधी ने डोकलाम के मुद्दे को उठाया तो केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कड़ी प्रतिक्रिया दी. अमित शाह ने कहा कि सदन में कांग्रेस ने जो भी कुछ कहा है वो सच नहीं है. रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने भी यह साफ-साफ कहा है कि जो किताब छपी ही नहीं है उसे राहुल सदन में कैसे कोट कर सकते हैं.
किरेन रिजिजू ने क्या कहा?
केंद्रीय संसदीय मंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा में कहा कि जब कोई सदस्य स्पीकर के फैसले को न मानता है तो उसके साथ क्या कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए. यह सवाल संसद की कार्यप्रणाली और नियमों के अनुपालन को लेकर गहन विचार का विषय है. इस बीच, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने चीन से जुड़े बिना सूची के एक संवेदनशील मुद्दे को उठाया. उन्होंने सदन के नियमों का पालन न करते हुए एक मैगजीन आर्टिकल से कोट करने की कोशिश की, जो सदन की कार्यवाही में अनुशासनहीनता का मामला है.
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