प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक खत्म हो गई है. सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने बैठक के दौरान महिला आरक्षण बिल के मुद्दे पर विपक्ष पर तीखा हमला बोला. पीएम ने कहा कि इस बिल का समर्थन न करके विपक्ष ने बहुत बड़ी गलती की है, जिसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ेगा. उन्होंने जोर देकर कहा कि विपक्ष ने देश की महिलाओं को हराया है और अब उन्हें जनता को जवाब देना होगा.
प्रधानमंत्री ने मंत्रियों और पार्टी कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया है कि इस मैसेज को देश के हर गांव और हर घर तक ले जाना है कि विपक्ष की मानसिकता महिलाओं के प्रति निगेटिव है. पीएम ने यह भी कहा कि अब विपक्षी दल अपने इस रुख को सही ठहराने के लिए बहाने तलाश रहे हैं.
इस राजनीतिक चर्चा के साथ ही कैबिनेट ने सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 2 प्रतिशत महंगाई भत्ते (DA) की बढ़ोतरी को हरी झंडी दे दी है. साथ ही, ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूती देने के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) को 2028 तक बढ़ाने और इसके लिए 3,000 करोड़ रुपये के अतिरिक्त आवंटन को भी मंजूरी दी गई है.
सॉवरेन मैरीटाइम फंड की स्थापना
कैबिनेट ने भारत के समुद्री क्षेत्र को सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनाने के लिए 13,000 करोड़ रुपये के सॉवरेन मैरीटाइम फंड को मंजूरी दी है. इस कोष का मकसद इंडियन फ्लैग वाले जहाजों और भारत से ऑपरेट होने वाले पोतों के लिए स्थिर और किफायती बीमा कवर सुनिश्चित करना है.
प्रधानमंत्री ने कैबिनेट से कहा कि विपक्ष का महिला आरक्षण बिल के खिलाफ जाना उनकी राजनीतिक हार की नींव बनेगा. उन्होंने कहा कि महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ खड़े होने वाले दलों को भविष्य में इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी. पीएम ने कहा कि जनता के बीच यह बात साफ होनी चाहिए कि कौन महिला सशक्तिकरण के साथ है और कौन उनके खिलाफ.
ग्रामीण सड़कों के लिए बढ़ेगा बजट
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) को लेकर लिया गया फैसला ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए संजीवनी साबित होगा. 2028 तक योजना के विस्तार और अतिरिक्त ₹3,000 करोड़ के आवंटन से दूर-दराज के गांवों को मुख्य सड़कों से जोड़ने के काम में तेजी आएगी. यह फैसला ग्रामीण विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है.
हिमांशु मिश्रा / ऐश्वर्या पालीवाल