बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का संसद भवन परिसर में नया राजनीतिक ठिकाना तय हो गया है. उन्हें संविधान सदन (पुराना संसद भवन) में ग्राउंड फ्लोर पर स्थित महत्वपूर्ण एक कमरा नंबर-4 आवंटित किया गया है जो बीजेपी कार्यालय के बिल्कुल करीब स्थित है. इससे पहले उन्होंने लुटियंस दिल्ली में एक सरकारी बंगला आवंटित किया गया था.
बताया जा रहा है कि पुराने संसद भवन में ग्राउंड फ्लोर पर स्थित इस कमरे का बीजेपी और एनडीए की राजनीति और इतिहास से पुराना नाता है.
2004 में अटल बिहारी को आवंटित हुआ था कमरा
साल 2004 के लोकसभा चुनाव के बाद इसे एनडीए अध्यक्ष के तौर पर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को आवंटित किया गया था. हालांकि, स्वास्थ्य कारणों से वे यहां कभी नहीं आए. लेकिन 2018 में उनके निधन के बाद भी लंबे वक्त तक उनकी नेमप्लेट यहां लगी रही. साल 2009 में लाल कृष्ण आडवाणी को ये कमरा मिला, जहां उन्होंने 2019 तक नियमित रूप से बैठकर पार्टी का मार्गदर्शन किया.
जानकारी के अनुसार, 2019 के बाद कुछ समय तक खाली रहने के बाद साल 2021 में दिग्गज नेताओं की नेम प्लेट हटाई गई और ये कमरा तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा को सौंपा गया.
राजनीतिक फैसलों का गवाह रहा है ये कमरा
अब यही ऐतिहासिक कमरा नितिन नवीन के हिस्से में आया है. संविधान सदन में जहां सभी राष्ट्रीय दलों के कार्यालय स्थित हैं, वहां इस कमरे का मिलना पार्टी के अंदर पीढ़ीगत बदलाव और नेतृत्व की नई दिशा को दिखाता है. ये कमरा भाजपा और एनडीए के कई बड़े राजनीतिक फैसलों का गवाह रहा है और आगे भी रहेगा.
हिमांशु मिश्रा