महिला आरक्षण बिल को लेकर बीजेपी एक्टिव, सांसदों को जारी किया तीन लाइन का व्हिप

लोकसभा और राज्यसभा की बैठक 16 से 18 अप्रैल तक होनी है. इसके लिए बीजेपी ने अपने सांसदों को व्हिप जारी कर इसका कड़ाई से पालन करने के लिए कहा है. पार्टी ने स्पष्ट कहा है कि इस दौरान किसी का भी अवकाश स्वीकृत नहीं किया जाएगा.

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महिला आरक्षण लागू करने के लिए संविधान संशोधन लाएगी सरकार (Photo: Youtube/ @Narendra Modi) महिला आरक्षण लागू करने के लिए संविधान संशोधन लाएगी सरकार (Photo: Youtube/ @Narendra Modi)

ऐश्वर्या पालीवाल

  • नई दिल्ली,
  • 12 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 3:15 PM IST

संसद का बजट सत्र 2 अप्रैल तक चलना था. 2 अप्रैल को कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित होनी थी. ऐसा हुआ नहीं. स्पीकर ओम बिरला ने संसदीय कार्य मंत्री की ओर से मिले अनुरोध का उल्लेख करते हुए कहा कि हम फिर से बैठेंगे. उन्हों कार्यवाही 16 अप्रैल तक के लिए स्थगित करने की घोषणा कर दी थी. अब 16 अप्रैल की तारीख करीब आ गई है. सत्ताधारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की अगुवाई कर रही भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) एक्टिव हो गई है.

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बीजेपी ने संसद के दोनों सदनों, लोकसभा और राज्यसभा के अपने सदस्यों को तीन लाइन का व्हिप जारी कर 16, 17 और 18 अप्रैल को सदन में उपस्थित रहने का निर्देश दिया है. सांसदों को इस व्हिप का सख्ती से पालन करने के लिए कहा गया है. पार्टी की ओर से जारी व्हिप के मुताबिक सभी सांसदों को सदन में मौजूदगी सुनिश्चित करनी होगी. बीजेपी की ओर से यह भी स्पष्ट कहा गया है कि इन तीनों की अवधि में किसी भी सांसद को किसी भी तरह की छुट्टी नहीं दी जाएगी.

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बीजेपी ने अपने सभी सदस्यों से व्हिप का कड़ाई से पालन करने के लिए कहा है. गौरतलब है कि लोकसभा और राज्यों की विधानसभा में महिलाओं के लिए आरक्षण लागू करने को केंद्र सरकार महिला आरक्षण बिल में संशोधन का प्रस्ताव लाएगी. संविधान संशोधन प्रस्ताव भी आएगा, जिसे पारित कराने के लिए दो तिहाई बहुमत की जरूरत होती है. ऐसे में बीजेपी अब ये बिल पारित कराने के लिए अभी से ही कमर कस ली है.

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विपक्ष की मांग- परिसीमन पर जानकारी दे सरकार

विपक्षी दलों की मांग है कि सरकार परिसीमन जैसे मुद्दों पर स्थिति स्पष्ट करे. राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर महिला आरक्षण विधेयक और परिसीमन से जुड़े संविधान संशोधन पर चर्चा के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की थी. विपक्ष के नेता ने आरोप लगाया था कि विपक्ष को विश्वास में लिए बिना बैठक बुलाई गई है. टीएमसी के राज्यसभा सांसद डेरेक ओ'ब्रायन ने ने संसद को गंभीरता से लेने की बजाय राजनीतिक नाटक किया जा रहा है.

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