भारतीय जनता पार्टी ने मंगलवार को अमेरिकी अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग (USCIRF) की उस रिपोर्ट को आधारहीन करार दिया है, जिसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (RAW) पर प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की गई थी. साथ ही बीजेपी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने इस रिपोर्ट का समर्थन कर भारत के खिलाफ रुख अपनाया है.
दरअसल, अंतररार्ष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता पर अमेरिकी आयोग (USCIRF) ने अपनी मार्च 2026 की रिपोर्ट में आरएसएस और रॉ (भारत की अनुसंधान एवं विश्लेषण शाखा) पर प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की है. भारत सरकार ने विदेश मंत्रालय के जरिए इस रिपोर्ट पर अपनी आपत्ति जताई है. विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि ये अमेरिकी आयोग व्यक्तिपरक तरीके से काम करता है और इसके सोर्स विश्वसनीय नहीं हैं.
रिपोर्ट का नहीं है कोई विश्वसनीय सोर्स
इसी मुद्दे पर बीजेपी सांसद संबित पात्रा ने लोकसभा परिसर में मंगलवार को मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि भारत सरकार ने विदेश मंत्रालय के माध्यम से इस पक्षपाती रिपोर्ट को पूरी तरह खारिज कर दिया है. इस रिपोर्ट में बेकार की बातें हैं, जिसका कोई तथ्य नहीं है और इस रिपोर्ट का कोई भी विश्वसनीय सोर्स नहीं है.
उन्होंने कहा कि ये बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विरोध करते हुए कांग्रेस पार्टी आज भारत के ही खिलाफ खड़ी नजर आ रही है.
पात्रा ने कहा कि कोई भी आयोग भारत को रॉ पर प्रतिबंध लगाने के लिए नहीं कह सकता. सरकार ने कड़ा जवाब दिया है. वहीं, कांग्रेस रॉ के खिलाफ बोल रही है और इस आयोग के साथ खड़ी है.
कांग्रेस ने किया रिपोर्ट का समर्थन
पात्रा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने आधिकारिक तौर पर यूएससीआईआरएफ रिपोर्ट का समर्थन किया है और उस पर अपने नेता राहुल गांधी के इशारे पर भारत को बदनाम करने की कोशिश करने का आरोप लगाया.
संबित पात्रा ने रिपोर्ट तैयार करने वाले आयोग की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि इस आयोग के उपाध्यक्ष और कमिश्नर डॉ. आसिफ महमूद एक पाकिस्तानी-अमेरिकी व्यक्ति हैं.
पात्रा का आरोप है कि इस आयोग में भारत विरोधी विचार रखने वाले लोग शामिल हैं, जिनके इनपुट के आधार पर ऐसी मनगढ़ंत रिपोर्ट तैयार की जाती है.
राहुल गांधी पर निशाना
पात्रा ने गांधी को निशाना बनाते हुए आरोप लगाया कि जब भी राहुल गांधी विदेश यात्रा करते हैं तो वो ऐसे व्यक्तियों से मिलते हैं और भारत की छवि धूमिल करने और उसकी प्रतिष्ठा को धूमिल करने में कोई कसर नहीं छोड़ते. लंदन में उन्होंने कहा था कि भारत में स्थिति ऐसी है कि सिख पगड़ी, कड़ा नहीं पहन सकते और गुरुद्वारों में नहीं जा सकते.
पात्रा ने राहुल गांधी के उन बयानों की भी आलोचना की जिनमें उन्होंने भारत की तुलना 'मुस्लिम ब्रदरहुड' से की थी या सिखों की धार्मिक स्वतंत्रता पर सवाल उठाए थे. उन्होंने ये भी दावा किया कि आदिवासियों और दलितों के साथ हो रहे अन्याय के कारण वे आईएसआईएस जैसा संगठन बना सकते हैं.
बीजेपी का कहना है कि जब सरकार मजबूती से विदेशी दबाव का सामना कर रही है, तब मुख्य विपक्षी दल का इस रिपोर्ट के साथ खड़ा होना उनकी भारत विरोधी मानसिकता को दर्शाता है.
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