भूटान से लग्जरी कार तस्करी का भंडाफोड़, पश्चिम बंगाल और असम से 5 गिरफ्तार

कस्टम्स ने भूटान से लग्जरी कारों की तस्करी करने वाले एक बड़े अंतरराष्ट्रीय रैकेट का भंडाफोड़ किया है. पश्चिम बंगाल और असम से पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिन पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए 460 वाहनों को पंजीकृत करने का आरोप है.

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कस्टम ने 'ऑपरेशन' के तहत इस रैकेट का खुलासा किया. (Photo: Representative) कस्टम ने 'ऑपरेशन' के तहत इस रैकेट का खुलासा किया. (Photo: Representative)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 07 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 10:31 AM IST

कस्टम्स ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय तस्करी रैकेट का भंडाफोड़ किया है. अधिकारियों ने भूटान से पुरानी लग्जरी कारों की तस्करी के मामले में पश्चिम बंगाल और असम से पांच लोगों को गिरफ्तार किया है. ये कार्रवाई असम और पश्चिम बंगाल पुलिस के सहयोग से अंजाम दी गई.

कस्टम्स को जानकारी मिली थी कि भूटान से लग्जरी एसयूवी (SUVs) को अवैध रूप से भारत लाकर अलग-अलग राज्यों में फिर से पंजीकृत किया जा रहा है. इन्हें उन खरीदारों को बेचा जाता था जो मानते थे कि ये कानूनी रूप से आयात की गई हैं. पिछले साल केरल के कुछ फिल्मी सितारों के वाहन भी जब्त किए गए थे, जिन्हें इसी गिरोह ने बेचा था. 

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इस गिरोह को पकड़ने के लिए कोच्चि कस्टम्स ने पिछले साल 'ऑपरेशन नमखोर' शुरू किया था.

460 वाहनों के फर्जी रजिस्ट्रेशन का खुलासा

असम पुलिस की जांच के दौरान पता चला कि आरोपी फर्जी दस्तावेजों के जरिए ऐसे 460 वाहनों को पंजीकृत करते पाए गए. इन वाहनों में विदेशी कारों के साथ-साथ भारतीय वाहन भी शामिल हैं जिन्हें पहले निर्यात किया गया था और बाद में बिना सीमा शुल्क चुकाए वापस तस्करी कर लाया गया.

कस्टम्स अधिकारियों ने कैग (CAG) की एक हालिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा, 'भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (CAG) की एक हालिया रिपोर्ट में पाया गया कि कई उत्तर-पूर्वी राज्यों में एक ही चेसिस और इंजन नंबर वाले 15,849 वाहन रजिस्टर्ड थे.'

जिला परिवहन अधिकारी भी आरोपियों में शामिल

कस्टम्स के बयान के मुताबिक गिरफ्तार किए गए लोगों में पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी का विश्वदीप दास (35) शामिल है. दीपक असम के बोंगाईगांव में जिला परिवहन अधिकारी के पद पर तैनात थे. अन्य चार आरोपी असम के रहने वाले हैं, जिनकी पहचान दीपक पाटोवरी (57), अय्यूब अली, एमडी मुस्तफा अहमद (35) और जलाल मंडल के रूप में हुई है.

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अधिकारियों को जांच में पता चला कि 22 फरवरी को गिरफ्तार हुआ विश्वदीप दास इस पूरे गिरोह का मास्टरमाइंड है. वो एक बड़ी आईटी कंपनी का कर्मचारी है और उसे भारत-भूटान सीमा के पास से पकड़ा गया था. उसे ट्रांजिट वारंट पर कोच्चि लाया गया है. कस्टम्स अब आगे की पूछताछ के लिए इन आरोपियों की हिरासत मांगने के लिए अदालत का रुख करेगा.

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