ऑस्ट्रेलिया में महात्मा गांधी की मूर्ति चोरी, कांस्य प्रतिमा को काट ले गए चोर, भारत ने की कार्रवाई की मांग

मेलबर्न के रोवविले स्थित ऑस्ट्रेलियन इंडियन कम्युनिटी सेंटर से महात्मा गांधी की कांस्य प्रतिमा चोरी हो गई. इस घटना पर भारत ने कड़ी आपत्ति जताई है. भारत सरकार ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और प्रतिमा की बरामदगी की मांग की है.

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महात्मा गांधी की प्रतिम काट ले गए चोर. (Photo- The Australia Today) महात्मा गांधी की प्रतिम काट ले गए चोर. (Photo- The Australia Today)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 03 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 8:07 PM IST

ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में रोवविले स्थित ऑस्ट्रेलियन इंडियन कम्युनिटी सेंटर में लगी महात्मा गांधी की कांस्य प्रतिमा चोरी हो गई है. भारत सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों से इस मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की है, जबकि भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय ने गहरी चिंता जताई है.

ऑस्ट्रेलिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, प्रतिमा को काटकर चुराया गया है, जिससे कम्युनिटी सेंटर में हंगामा मच गया. भारतीय समुदाय के सदस्यों ने इसे न केवल अपमानजनक बताया है, बल्कि इसे सांस्कृतिक विरासत पर हमला करार दिया है.

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भारत ने जताई कड़ी आपत्ति

भारत के विदेश मंत्रालय ने घटना पर चिंता जताते हुए ऑस्ट्रेलियाई प्रशासन से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है और प्रतिमा को बरामद कर उसी जगह पर लगाने की भी मांग की है.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मीडिया से बातचीत में कहा कि भारत इस घटना की कड़ी निंदा करता है.

उन्होंने कहा, 'हम अज्ञात व्यक्तियों द्वारा रोवविले, मेलबर्न स्थित ऑस्ट्रेलियन इंडियन कम्युनिटी सेंटर में स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा के तोड़फोड़ और हटाने की कड़ी निंदा करते हैं. हमने इस मामले को ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों के साथ मजबूती से उठाया है और उनसे अपील की है कि वे लापता प्रतिमा को तुरंत बरामद करें तथा दोषियों को जवाबदेह ठहराएं.'

बता दें कि ये प्रतिमा भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (ICCR), नई दिल्ली द्वारा गिफ्ट में दी गई थी और इसका उद्घाटन 12 नवंबर 2021 को ऑस्ट्रेलिया के तत्कालीन प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने किया था. ये प्रतिमा भारतीय-ऑस्ट्रेलियन समुदाय के लिए सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और प्रतीकात्मक महत्व रखती है. गांधीजी की प्रतिमा शांति, अहिंसा और स्वतंत्रता संग्राम के प्रतीक के रूप में स्थापित की गई थी.

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