पवन खेड़ा की मुश्किलें बढ़ीं, जमानत के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची असम सरकार

असम सरकार ने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को मिली तेलंगाना हाई कोर्ट की एक हफ्ते की ट्रांजिट अग्रिम जमानत के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है. यह मामला मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी सरमा के खिलाफ खेड़ा द्वारा लगाए गए विदेशी पासपोर्ट और अघोषित संपत्तियों के आरोपों से जुड़ा है.

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असम सरकार ने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है असम सरकार ने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है

अनीषा माथुर

  • नई दिल्ली,
  • 13 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 12:11 PM IST

असम सरकार ने पवन खेड़ा को मिली राहत के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है. दरअसल, असम सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर कर तेलंगाना हाई कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को एक हफ्ते की ट्रांजिट अग्रिम जमानत दी गई थी. यह मामला असम में दर्ज उस केस से जुड़ा है, जिसमें खेड़ा पर मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी शर्मा के खिलाफ कथित आरोप लगाने का मामला है.

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खेड़ा ने आरोप लगाया था कि रिंकी सरमा के पास कई विदेशी पासपोर्ट हैं और उन्होंने विदेशों में अघोषित संपत्तियां रखी हुई हैं. इन्हीं आरोपों को लेकर उनके खिलाफ असम में मामला दर्ज किया गया था, जिसके बाद तेलंगाना हाई कोर्ट ने उन्हें अस्थायी राहत देते हुए एक सप्ताह की ट्रांजिट अग्रिम जमानत दी थी. अब असम सरकार ने इस राहत को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. 

असल में, तेलंगाना हाईकोर्ट ने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को एक हफ्ते की अंतरिम राहत दी थी. राहत देने से पहले हाईकोर्ट ने उनसे सही फोरम में जमानत के लिए अर्जी दाखिल करने के लिए कहा था. दरअसल अदालत ने सवाल पूछा था कि अगर दस्तावेजों में पता दिल्ली का दर्ज है तो याचिका तेलंगाना में क्यों दाखिल की गई है. 

तेलंगाना हाईकोर्ट ने दी थी अग्रिम जमानत
पवन खेड़ा की जमानत को लेकर बीते गुरुवार को तेलंगाना हाईकोर्ट में सुनवाई हुई थी. तब उनकी अग्रिम जमानत टल गई थी. कोर्ट ने तत्काल राहत देने के बजाय अपना आदेश शुक्रवार तक के लिए सुरक्षित रख लिया था. यह मामला असम सीएम हिमंता से जुड़ा है. इस सुनवाई के दौरान कोर्ट ने एक अहम कानूनी बिंदु उठाया, जिसने मामले को और जटिल बना दिया था.

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दरअसल, सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पाया था कि याचिकाकर्ता की ओर से पेश किए गए दस्तावेजों में उनकी पत्नी नीलिमा का पता दिल्ली का बताया गया है. इस पर कोर्ट ने सवाल उठाया कि जब स्थायी पता दिल्ली का है, तो फिर तेलंगाना हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करने का आधार क्या है. इसी को लेकर कोर्ट ने ज्यूरिस्डिक्शन पर स्पष्टता मांगी.

कोर्ट ने निर्देश दिया कि अगली सुनवाई में कोटा नीलिमा (खेड़ा की पत्नी) का नवीनतम आधार कार्ड पेश किया जाए, ताकि यह साफ हो सके कि उनका वर्तमान निवास कहां है और याचिका इस कोर्ट के अधिकार क्षेत्र में आती है या नहीं.

क्या है मामला?
यह मामला असम सरकार की ओर से पवन खेड़ा पर दर्ज किया गया है. पवन खेड़ा ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी पर आरोप लगाए थे.कांग्रेस नेता ने पांच अप्रैल को आरोप लगाया था कि हिमंता की पत्नी रिंकी भुइयां शर्मा के पास कई पासपोर्ट और विदेशी संपत्ति है, जिनका उल्लेख मुख्यमंत्री के चुनावी हलफनामे में नहीं किया गया. इस मामले में पूछताछ के लिए असम पुलिस की एक टीम पहले खेड़ा के दिल्ली स्थित घर भी गई थी.

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