आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू को स्किल डेवलपमेंट घोटाले में ईडी ने क्लीन चिट दे दी है. विजयवाड़ा एसीबी कोर्ट ने भी मामला वापस ले लिया है. कोर्ट ने कहा कि उन पर लगाए गए आरोपों का कोई ठोस आधार नहीं है.
ईडी ने विशाखापट्टनम स्थित स्पेशल पीएमएलए कोर्ट में 31 जनवरी को सप्लीमेंट्री चार्ज शीट दाखिल की थी. इसमें ईडी ने कहा कि नायडू की मनी लॉन्ड्रिंग में भूमिका का कोई सबूत नहीं मिला है. इसी आधार पर उन्हें आरोपी के रूप में नामित नहीं किया गया.
स्किल डेवलपमेंट घोटाले से जुड़ा मामला साल 2016 का है, जब चंद्रबाबू नायडू आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री थे. उस वक्त राज्य में युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देने के लिए आंध्र प्रदेश राज्य कौशल विकास निगम (APSSDC) की स्थापना की गई थी. इस दौरान, नायडू पर आरोप लगाया गया था कि प्रोजेक्ट के लिए दिए गए सरकारी धन में करीब 300 करोड़ रुपये से ज्यादा की हेराफेरी की गई है.
जेल में बिताना पड़ा था वक्त...
आंध्र प्रदेश सीआईडी ने इस घोटाले में चंद्रबाबू नायडू के शामिल होने की पुष्टि की थी. इसके आधार पर उन्हें सितंबर 2023 में उन्हें गिरफ्तार किया गया था और 53 दिन तक राजामंड्री जेल में रखा गया था. लंबी कानूनी लड़ाई के बाद, अक्टूबर 2023 में उन्हें जमानत मिली थी.
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ईडी ने खारिज की सीआईडी की रिपोर्ट
अब ईडी की ताजा रिपोर्ट ने सीआईडी के पिछले दावों को खारिज करते हुए नायडू को निर्दोष पाया है. ईडी ने अपनी जांच में कहा है कि स्किल डेवलपमेंट प्रोजेक्ट के फंड के लेन-देन में मुख्यमंत्री का किसी तरह का कोई लेना-देना नहीं है.
शिबिमोल