जनसंख्या बढ़ाने के लिए 'कैश ऑफर'! आंध्र प्रदेश में तीसरा बच्चा होने पर मिलेंगे 30 हजार, चौथे बच्चे पर 40 हजार रुपये

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने तीसरे बच्चे के जन्म पर 30 हजार रुपये और चौथे बच्चे पर 40 हजार रुपये देने का ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि राज्य में घटती जन्मदर चिंता का विषय है और समाज को अब जनसंख्या बढ़ाने के लिए मिलकर काम करना होगा. सरकार जल्द इस योजना का विस्तृत खाका जारी करेगी.

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आंध्र सरकार ने फैसला लिया है कि तीसरे और चौथे बच्चे के जन्म पर नकद प्रोत्साहन मिलेगा (Photo: PTI) आंध्र सरकार ने फैसला लिया है कि तीसरे और चौथे बच्चे के जन्म पर नकद प्रोत्साहन मिलेगा (Photo: PTI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 16 मई 2026,
  • अपडेटेड 9:11 PM IST

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने शनिवार को एक बड़ा ऐलान किया. उन्होंने कहा कि अब राज्य में जो परिवार तीसरा बच्चा पैदा करेगा, उसे सरकार 30,000 रुपये देगी. और अगर चौथा बच्चा हुआ तो 40,000 रुपये मिलेंगे. यह ऐलान उन्होंने श्रीकाकुलम जिले के नरसन्नापेटा में एक पब्लिक मीटिंग में किया.

मार्च 2025 में नायडू ने विधानसभा में बताया था कि सरकार दूसरा बच्चा पैदा करने वाले जोड़ों को 25,000 रुपये देने के बारे में सोच रही है. यानी पहले सिर्फ दूसरे बच्चे पर पैसे देने की बात थी. लेकिन बाद में राज्य के स्वास्थ्य मंत्री सत्य कुमार यादव ने बताया कि सरकार ने फैसला बदला और अब यह सुविधा तीसरे और चौथे बच्चे पर भी दी जाएगी.

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अब मुख्यमंत्री नायडू ने क्या कहा?

शनिवार को नरसन्नापेटा में 'स्वर्ण आंध्र-स्वच्छ आंध्र' कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री नायडू ने खुद माइक पर यह ऐलान किया. उन्होंने कहा, 'मैंने एक नया फैसला लिया है. तीसरे बच्चे के जन्म पर 30,000 रुपये और चौथे बच्चे पर 40,000 रुपये तुरंत दिए जाएंगे. क्या यह सही फैसला नहीं है?' नायडू ने यह भी बताया कि इस फैसले की पूरी जानकारी एक महीने के अंदर दी जाएगी.

यह क्यों कर रहे हैं?

मुख्यमंत्री नायडू का कहना है कि आंध्र प्रदेश में बच्चे पैदा करने की दर लगातार गिर रही है. दुनिया भर में यह माना जाता है कि किसी भी राज्य या देश की आबादी तब स्थिर रहती है जब हर महिला औसतन 2.1 बच्चों को जन्म दे.

यह भी पढ़ें: भारत की जनसंख्या 2060 तक 1.7 अरब हो जाएगी, फिर आएगी 12 फीसदी की गिरावट, UN की रिपोर्ट में दावा

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मुख्यमंत्री नायडू ने चेताया कि अगर यह दर और नीचे गिरी तो राज्य की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ेगा. उन्होंने यह भी बताया कि आज कई जोड़े सिर्फ एक बच्चा रखना चाहते हैं क्योंकि उनकी कमाई बढ़ गई है और वे सोचते हैं कि एक बच्चा ही काफी है. कुछ लोग दूसरा बच्चा तभी करते हैं जब पहला बेटा न हो. इस सोच की वजह से आबादी बढ़ नहीं रही.

बच्चे बोझ नहीं, संपत्ति हैं

मुख्यमंत्री नायडू ने कहा कि बहुत से लोग सोचते हैं कि बच्चे बोझ होते हैं, लेकिन यह गलत सोच है. बच्चे दरअसल एक 'संपत्ति' हैं, यानी देश और परिवार दोनों के लिए फायदेमंद हैं. नायडू ने कहा कि वे यह साबित करके दिखाएंगे.

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