पिछले साल जून में हुए भीषण एयर इंडिया विमान हादसे को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है. नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने आज (सोमवार) राज्यसभा में बताया है कि इस दुर्घटना की जांच बहुत तेजी से चल रही है और इसकी फाइनल रिपोर्ट बहुत जल्द सबके सामने होगी. मंत्री ने भरोसा दिलाया कि इस साल के अंत तक जांच रिपोर्ट जारी कर दी जाएगी.
दरअसल, अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI171 (बोइंग 787-8) 12 जून 2025 को उड़ान भरते ही दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी. इस दुखद हादसे में 260 लोगों की जान चली गई थी. राज्यसभा में इसी सवाल का जवाब देते हुए मंत्री नायडू ने कहा कि 'विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो' (AAIB) ने इस हादसे की वजह जानने में पूरी जान लगा दी है. सरकार ने जांच एजेंसी को हर जरूरी संसाधन दिए हैं ताकि हादसे की असली वजह का पता लगाया जा सके.
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मिडिल ईस्ट संकट और भारतीयों की सुरक्षा
सदन में चर्चा के दौरान मिडिल ईस्ट (पश्चिम एशिया) में जारी युद्ध का मुद्दा भी उठा. मंत्री ने बताया कि इजरायल, ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते संघर्ष की वजह से वहां का हवाई क्षेत्र (Airspace) बंद है, जिससे उड़ानें काफी प्रभावित हुई हैं. उन्होंने कहा कि भारत सरकार वहां फंसे भारतीयों को सुरक्षित वापस लाने के लिए दिन-रात काम कर रही है. पिछले हफ्ते ही करीब 90,000 लोग भारत वापस आने में सफल रहे हैं. डीजीसीए (नागरिक उड्डयन महानिदेशालय) लगातार एयरलाइंस के संपर्क में है ताकि 100% सुरक्षा सुनिश्चित होने पर ही विमान भेजे जाएं.
डिजिटल तरीके से हो रही है विमानों की निगरानी
हवाई सुरक्षा पर उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए मंत्री नायडू ने बताया कि अब सुरक्षा जांच के लिए कागज-कलम की जगह डिजिटल सिस्टम का इस्तेमाल हो रहा है. उन्होंने 'ट्रैक बाय टेल' प्रोग्राम का जिक्र किया, जिसके जरिए हर विमान की डिजिटल निगरानी की जा रही है. उन्होंने कहा कि डीजीसीए ने सुरक्षा मानकों को बहुत सख्त कर दिया है और हर जांच का दो बार वेरिफिकेशन किया जाता है.
2047 तक भारत में होंगे 350 हवाई अड्डे
देश के भविष्य के बारे में बात करते हुए मंत्री ने एक बड़ा विजन साझा किया. उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य अगले 5 साल में 50 और अगले 20 साल में 200 नए हवाई अड्डे बनाने का है. इससे देश में कुल हवाई अड्डों की संख्या 350 तक पहुंच जाएगी. भारत का नागरिक उड्डयन क्षेत्र दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ रहा है. सरकार अब सिर्फ बड़े विमानों तक सीमित नहीं है, बल्कि सीप्लेन और हेलीकॉप्टर सेवाओं को भी बढ़ावा देने पर काम कर रही है ताकि आम आदमी के लिए हवाई यात्रा और आसान हो सके.
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