महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री और दिवंगत अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार ने शपथ लेने के बाद पहला भावुक ट्वीट किया. X पर किए गए पोस्ट में उन्होंने लिखा कि अजीत दादा ने किसानों, मजदूरों, महिलाओं, युवाओं और वंचित वर्गों के लिए पूरी जिंदगी जीने का मंत्र दिया है. मैं उनके सपनों को साकार करने के लिए बिना थके और ईमानदारी से काम करती रहूंगी.
सुनेत्रा पवार ने लिखा, "आदरणीय अजीत दादा ने किसानों, मजदूरों, महिलाओं, युवाओं और वंचित वर्गों के लिए पूरी जिंदगी जीने का मंत्र दिया है. मैं उनके सपनों के न्यायपूर्ण, समानता पर आधारित और विकसित महाराष्ट्र को साकार करने के लिए बिना थके और ईमानदारी से काम करती रहूंगी. इन मुश्किल समय में, महाराष्ट्र के लोगों का प्यार और समर्थन ही मेरी असली ताकत है."
सुनेत्रा पवार को मुंबई के लोक भवन में आयोजित समारोह में राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे भी इस मौके पर मौजूद रहे.
सुनेत्रा पवार महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री
सुनेत्रा पवार महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री बनी हैं. इससे पहले यह जिम्मेदारी उनके पति अजित पवार के पास थी, जिनका 28 जनवरी, 2026 को बारामती में हुए विमान हादसे में निधन हो गया था. शपथ ग्रहण समारोह में मौजूद कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने 'अजित दादा अमर रहें' के नारों से पूरे हॉल को गुंजायमान कर दिया और दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि दी.
PM मोदी ने दी शुभकामनाएं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सुनेत्रा पवार को इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभालने पर बधाई दी. उन्होंने 'X' पर लिखा कि सुनेत्रा पवार महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री हैं और वह राज्य की जनता के कल्याण के लिए मेहनत करेंगी तथा दिवंगत अजित पवार के सपनों को साकार करेंगी.
पीएम मोदी की शुभकामनाओं का दिया जवाब
सुनेत्रा पवार ने पीएम मोदी की शुभकामनाओं पर जवाब दिया. उन्होंने लिखा, 'आपने जो आशीर्वाद दिया है, वह मेरे लिए प्रेरणादायक है. मैं महाराष्ट्र की सेवा के लिए नई ज़िम्मेदारी शुरू कर रही हूं, आपके शब्दों ने जन कल्याण के काम के लिए मेरा आत्मविश्वास बढ़ाया है. राज्य के लोगों के कल्याण के लिए ईमानदारी और समर्पित भावना से काम करने का संकल्प इससे और भी मजबूत हो गया है. आपके भरोसे के लिए दिल से धन्यवाद.'
पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने शपथ ग्रहण के बाद भावुक प्रतिक्रिया दी. कई लोगों ने कहा कि कोई भी अजित दादा की जगह नहीं ले सकता, लेकिन सुनेत्रा पवार के रूप में हमें उनके योगदान और उपस्थिति की याद किसी न किसी रूप में महसूस होती है. शोक और दुख के बीच यह नया अध्याय उनके लिए और पार्टी के लिए आशा और प्रेरणा का प्रतीक बन गया है.
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