नासिक की एक मल्टीनेशनल कंपनी में सामने आए यौन उत्पीड़न और धार्मिक टिप्पणी से जुड़े मामले ने अब गंभीर मोड़ ले लिया है. इस पूरे मामले पर पहली बार नासिक पुलिस कमिश्नर संदीप कर्णिक ने मीडिया के सामने आकर विस्तृत जानकारी दी है और इसे गंभीर मामला बताया है. पुलिस कमिश्नर के अनुसार इस मामले में अब तक कुल 9 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं. इनमें ऑफिस यौन उत्पीड़न, नौकरी देने के बहाने रेप की कोशिश, छेड़छाड़ और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप शामिल हैं. उन्होंने बताया कि कुछ मामलों में धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने के आरोप भी सामने आए हैं.
पुलिस के अनुसार इन मामलों में 6 युवक और 2 युवतियां आरोपी में शामिल हैं. जांच में यह भी कहा गया है कि यह एक संगठित अपराध जैसा मामला लग रहा है. पुलिस ने यह भी बताया कि इस केस में निदा खान नाम की एक आरोपी फरार है, जिसकी भूमिका की जांच की जा रही है. कमिश्नर संदीप कर्णिक ने कहा कि इस पूरे मामले में अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की भी जांच की जा रही है. इसके लिए संबंधित एजेंसियों को पत्र भेजे गए हैं. पुलिस ने यह भी कहा है कि एनआईए और अन्य जांच एजेंसियों को जानकारी साझा की गई है ताकि सभी पहलुओं से जांच हो सके.
6 पुरुष और 2 महिला आरोपी, एक आरोपी अब भी फरार
उन्होंने यह भी बताया कि रेप से जुड़े मामलों में पुख्ता सबूत मिले हैं और जांच तेजी से आगे बढ़ रही है. पुलिस का कहना है कि सभी आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है और मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है. इस बीच अदालत में एक आरोपी अश्विनी चैनानी को पेश किया गया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. पुलिस के अनुसार अब तक सभी आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं. हालांकि पुलिस ने संकेत दिया है कि दो दिन के भीतर कुछ मामलों में फिर से पुलिस रिमांड की मांग की जा सकती है.
आरोपियों के वकील राहुल कासलीवाल ने कोर्ट में जमानत अर्जी दाखिल की है. उनका कहना है कि जिन धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है, उनमें अधिकतम सजा तीन साल से ज्यादा की नहीं है. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि रेप का मामला निजी संबंधों से जुड़ा हुआ है और इसे धार्मिक एंगल से जोड़ा जा रहा है, जो गलत है.
वकील ने यह भी दावा किया कि इस तरह के आरोपों से समाज में दो समुदायों के बीच तनाव बढ़ सकता है, इसलिए मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. इसी बीच पुलिस जांच में तेजी लाने के लिए विभिन्न एजेंसियों का सहयोग भी लिया जा रहा है. एंटी टेररिज्म स्क्वाड यानी ATS की ओर से SIT टीम से संपर्क किया गया है और मामले की जानकारी ली गई है. एक अधिकारी ने SIT टीम से केस से जुड़े दस्तावेज और जांच की स्थिति की जानकारी हासिल की है.
रेप और छेड़छाड़ के मामलों में मिले पुख्ता सबूत, जांच तेज
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला सिर्फ सामान्य उत्पीड़न का नहीं बल्कि कई स्तरों पर जुड़ा हुआ एक गंभीर नेटवर्क हो सकता है. इसलिए सभी पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है. इस पूरे मामले ने नासिक के आईटी और कॉरपोरेट सेक्टर में सुरक्षा और कार्यस्थल की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. पुलिस का कहना है कि जांच पूरी पारदर्शिता के साथ की जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी.
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