महाराष्ट्र: महिला आयोग अध्यक्ष पाली चाकणकर का इस्तीफा, ढोंगी अशोक खरात से जुड़े होने का आरोप

महाराष्ट्र महिला आयोग की अध्यक्ष रुपाली चाकणकर ने 20 मार्च को अपने पद से इस्तीफा दे दिया. उन्होंने व्यक्तिगत कारणों का हवाला दिया. उनका इस्तीफा अशोक खरात उर्फ भोंदू बाबा विवाद के बीच आया है, जिसे हाल ही में दुष्कर्म मामले में गिरफ्तार किया गया है. विपक्ष इस मामले को लेकर लगातार सवाल उठा रहा था.

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रुपाली चाकणकर ने अपने पद से इस्तीफा दिया (Photo: ITG) रुपाली चाकणकर ने अपने पद से इस्तीफा दिया (Photo: ITG)

aajtak.in

  • मुंबई ,
  • 20 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 10:52 PM IST

महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रुपाली चाकणकर ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने 20 मार्च 2026 को मुख्यमंत्री को संबोधित एक औपचारिक पत्र के जरिए अपना इस्तीफा सौंपा. अपने पत्र में उन्होंने पद छोड़ने के पीछे व्यक्तिगत कारणों का हवाला दिया है और तत्काल प्रभाव से इस्तीफा देने की बात कही है.

रुपाली चाकणकर ने अपना इस्तीफा उपमुख्यमंत्री और एनसीपी प्रमुख सुनेत्रा पवार को सौंपा. जानकारी के अनुसार, उन्होंने शुक्रवार शाम मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से भी मुलाकात की थी. सूत्रों के मुताबिक इस मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने उन्हें इस्तीफा देने को कहा, जिसके बाद उन्होंने अपना पद छोड़ दिया.

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इस्तीफे में व्यक्तिगत कारणों का दिया हवाला

रुपाली चाकणकर को 15 अक्टूबर 2024 को महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष नियुक्त किया गया था. अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने महिला अधिकार और कल्याण से जुड़े मामलों पर काम किया. इस्तीफे के साथ उन्होंने मुख्यमंत्री और अपने सहयोगियों का आभार जताया और कहा कि उन्हें कार्यकाल के दौरान पूरा सहयोग मिला.

उनका इस्तीफा ऐसे समय में आया है जब वह कथित तौर पर स्वयंभू बाबा अशोक खरात से जुड़े विवाद को लेकर घिरी हुई थीं. अशोक खरात, जिन्हें भोंदू बाबा के नाम से भी जाना जाता है, उसे नासिक पुलिस ने हाल ही में एक दुष्कर्म मामले में गिरफ्तार किया है. इस मामले के बाद विपक्षी दल लगातार रुपाली चाकणकर को निशाना बना रहे थे.

भोंदू बाबा विवाद के बीच बढ़ी राजनीतिक हलचल

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जानकारी के अनुसार, रुपाली चाकणकर अशोक खरात द्वारा संचालित एक मंदिर ट्रस्ट की सदस्य भी रही हैं. इसी कथित संबंध को लेकर उन पर सवाल उठाए जा रहे थे. इस विवाद के चलते उनके इस्तीफे को राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

रुपाली चाकणकर महाराष्ट्र महिला आयोग के साथ-साथ एनसीपी की महिला विंग की प्रमुख भी हैं. उनके इस्तीफे के बाद अब महिला आयोग के नेतृत्व में बदलाव की स्थिति बन गई है. उन्होंने अपने पत्र में राज्य सरकार से अनुरोध किया है कि उनके इस्तीफे को औपचारिक रूप से स्वीकार किया जाए. फिलहाल सरकार की तरफ से इस पर अंतिम निर्णय लिया जाना बाकी है.

राज्य की राजनीति में बढ़ी हलचल

इस पूरे घटनाक्रम ने राज्य की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है. महिला आयोग जैसे महत्वपूर्ण संस्थान के प्रमुख पद से इस्तीफा आने के बाद अब आगे की स्थिति पर सभी की नजर बनी हुई है.

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