महाराष्ट्र में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के अगले अध्यक्ष को लेकर चल रही अटकलों के बीच महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे भी इस बहस में कूद पड़े हैं. राज ठाकरे ने एक तीखी टिप्पणी करते हुए वरिष्ठ एनसीपी नेता प्रफुल्ल पटेल पर अप्रत्यक्ष निशाना साधा है. यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है.
अजित पवार के आकस्मिक निधन के बाद महाराष्ट्र के राजनीतिक समीकरणों में आए बदलाव पर प्रतिक्रिया देते हुए राज ठाकरे ने कहा कि राज्य की राजनीति इतनी तेजी से बदल रही है कि अब उस पर टिप्पणी करने का भी मन नहीं करता. हालांकि, उन्होंने कहा कि जिस तरह घटनाक्रम रोज़ाना सामने आ रहे हैं, उस पर बोलना जरूरी हो गया है. एनसीपी के नेतृत्व को लेकर चल रही चर्चाओं का जिक्र करते हुए राज ठाकरे ने कहा कि जो पार्टी 'मराठी मिट्टी में रची-बसी' है, उसकी कमान ऐसे व्यक्ति के हाथ में होनी चाहिए, जो उस पहचान को सही मायने में दर्शाए.
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर लिखा, 'महाराष्ट्र की राजनीति में हाल के दिनों में पूरी तरह उथल-पुथल मच गई है. सच कहूं तो अब उस पर टिप्पणी करने का भी मन नहीं करता. लेकिन रोज जो घटनाएं हो रही हैं, उन पर बोलना पड़ता है. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी जैसी मराठी मिट्टी से जुड़े राजनीतिक दल का कार्यकारी अध्यक्ष सही मायने में एक मराठी व्यक्ति होना चाहिए, कोई पाटिल हो सकता है, लेकिन पटेल नहीं.' राज ठाकरे की इस टिप्पणी को सीधे तौर पर प्रफुल्ल पटेल पर तंज माना जा रहा है, खासकर ऐसे समय में जब एनसीपी का संगठनात्मक नेतृत्व असमंजस में है.
महाराष्ट्र की पहली महिला डिप्टी CM बनीं सुनेत्रा
अजित पवार, जो भाजपा के नेतृत्व वाली महायुति सरकार में उपमुख्यमंत्री थे और एनसीपी के एक धड़े का नेतृत्व कर रहे थे, उनका 28 जनवरी को बारामती में एक विमान हादसे में निधन हो गया. उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार ने 31 जनवरी को महाराष्ट्र सरकार में उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली, जिसने राजनीतिक गलियारों में सभी को चौंका दिया. अजित पवार गुट के नेताओं का कहना है कि यह जल्दबाजी संभावित राजनीतिक समीकरणों को देखते हुए की गई. अजित पवार गुट और शरद पवार गुट के विलय की चर्चा भी चल रही थी.
सूत्रों के मुताबिक, 17 जनवरी को अजित पवार और शरद पवार के बीच हुई बैठक में सैद्धांतिक रूप से तय हुआ था कि दोनों अपने-अपने नेतृत्व वाली एनसीपी का 12 फरवरी को एकदूसरे के साथ विलय करेंगे. अजित पवार के आकस्मिक निधन के बाद उनके नेतृत्व वाली एनसीपी के बड़े नेताओं को आशंका थी कि विलय के बाद शरद पवार गुट का दबदबा बढ़ सकता है और जुलाई 2023 में अविभाजित एनसीपी से अलग हुए नेताओं का प्रभाव कमजोर पड़ सकता है.
सुनेत्रा पवार चुनी गईं NCP विधायक दल की नेता
इससे पहले शनिवार को विधान भवन में हुई बैठक में सुनेत्रा पवार को एनसीपी विधायक दल का नेता सर्वसम्मति से चुना गया. उनके नाम का प्रस्ताव छगन भुजबल ने रखा और दिलीप वलसे पाटिल सहित अन्य नेताओं ने समर्थन किया. सूत्रों की मानें तो प्रफुल्ल पटेल राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष बन सकते हैं. सुनेत्रा पवार के उपमुख्यमंत्री बनने के बाद उनके द्वारा खाली की गई राज्यसभा सीट के लिए उनके बड़े बेटे पार्थ पवार पर विचार किया जा रहा है. वहीं सुनेत्रा अपने पति अजित पवार के निधन से खाली हुई बारामती विधानसभा सीट से उपचुनाव लड़ेंगी. सुनील तटकरे एनसीपी की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष बने रहेंगे.
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