पिछले साल अप्रैल में कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की जान चली गई थी. इस हमले में असावरी जगदाले ने भी अपने पिता को खो दिया था, जिसके बाद सरकार ने उसे सरकारी नौकरी देने का वादा किया था. हालांकि उसे अब तक नौकरी नहीं मिली थी, जिसके बाद उसने शिकायत की और अब वो जल्द सरकारी सेवा में नियुक्त होने जा रही हैं.
असावरी जगदाले को पहलगाम हमले के 10 महीने बाद भी सरकारी नौकरी नहीं मिली. ऐसे में असावरी ने सोशल मीडिया और मीडिया के जरिए अपनी निराशा जाहिर की थी. उनकी आवाज उठाए जाने के कुछ ही घंटों में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मामले में दखल दिया और अब असावरी जल्द ही राज्य सरकार की सेवा में शामिल होंगी.
एकनाथ शिंदे ने पुणे नगर निगम के आयुक्त नवलकिशोर राम को निर्देश दिए हैं कि असावरी को शैक्षणिक योग्यता के आधार पर उन्हें जल्द से जल्द सरकारी सेवा में नियुक्त किया जाए.
सरकार ने किया था 50 लाख और सरकारी नौकरी का वादा
पिछले साल 22 अप्रैल को पहलगाम के बैसरन घाटी में आतंकियों की गोलीबारी में असावरी के पिता की जान चली गई थी. इस घटना के बाद महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के पीड़ितों के परिवारों को 50 लाख रुपये की आर्थिक मदद और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का वादा किया था.
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मीडिया के सामने असावरी ने सुनाया था दर्द
नौकरी ना मिलने की वजह से असावरी के परिवार की आर्थिक स्थिति बिगड़ने लगी थी. ऐसे में असावरी मीडिया के सामने आईं, इस दौरान उन्होंने कहा था, 'मुझे सरकारी नौकरी मिलने का वादा किए हुए 10 महीने बीत चुके हैं, लेकिन दुर्भाग्य से इस पर कोई अपडेट नहीं आया. मैं उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के कार्यालयों के संपर्क में रही हूं. अधिकारी हमें सिर्फ यही बताते रहे हैं कि वो इस मुद्दे पर फॉलो अप कर रहे हैं.'
सुप्रिया सुले ने भी सरकार को घेरा
NCP सांसद सुप्रिया सुले ने भी इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर सरकार पर सवाल उठाए थे. सुले ने एक्स पर लिखा था, 'पुणे के निवासी संतोष जगदाले ने पहलगाम हमले में अपनी जान गंवाई. इस दुखद घटना के बाद घोषणा की गई थी कि उनकी बेटी असावरी को सरकारी नौकरी दी जाएगी. मुख्यमंत्री खुद इस फैसले के समर्थक थे. हालांकि, ये बेहद निराशाजनक है कि उन्हें अभी तक रोजगार नहीं दिया गया है.'
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सुले ने सरकार से मांग की थी कि वह उन परिवारों के प्रति संवेदनशीलता दिखाए जिन्होंने अपनों को खोया है. इसके बाद एकनाथ शिंदे ने इस मामले में तुरंत कार्रवाई के आदेश दिए. वहीं, बीजेपी के मीडिया प्रभारी नवनाथ बन ने भी भरोसा दिलाया है कि पार्टी जगदाले परिवार के साथ खड़ी है और वे खुद मुख्यमंत्री फडणवीस से मिलकर परिवार को जल्द से जल्द न्याय दिलाने की कोशिश करेंगे.
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