NEET पेपर लीक Exclusive: लातूर के 100 करोड़ी कोचिंग इंस्टीट्यूट पर CBI का शिकंजा

नीट 2026 पेपर लीक मामले में सीबीआई ने महाराष्ट्र के लातूर में एक कोचिंग सेंटर पर बड़ी कार्रवाई की है. शिकायत है कि इस कोचिंग के मॉक टेस्ट के कई सवाल सीधे असली नीट पेपर से मैच कर रहे थे. मामले में पूर्व में गिरफ्तार हो चुके मास्टरमाइंड प्रोफेसर पी.वी. कुलकर्णी के साथ प्रमोटर के रिश्तों की भी गहराई से जांच की जा रही है.

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आरसीसी कोचिंग के डायरेक्टर शिवराज मोटेगांवकर से पुणे में पूछताछ (Phot: ITG) (Phot: ITG) आरसीसी कोचिंग के डायरेक्टर शिवराज मोटेगांवकर से पुणे में पूछताछ (Phot: ITG) (Phot: ITG)

दिव्येश सिंह

  • मुबंई,
  • 17 मई 2026,
  • अपडेटेड 11:29 PM IST

देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG के पेपर लीक मामले में बड़ा खुलासा सामने आया है. महाराष्ट्र के लातूर का एक बड़ा कोचिंग संस्थान, जिसका सालाना टर्नओवर 100 करोड़ रुपये से ज्यादा बताया जा रहा है, अब सीबीआई की जांच के घेरे में आ गया है. इस मामले के सामने आने के बाद सीबीआई ने संस्थान के दफ्तर पर छापेमारी की और कई दस्तावेज व इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की जांच की.

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इस बड़ी कार्रवाई के घेरे में सीधे रेणुकाई केमिस्ट्री क्लासेस (RCC) करियर सेंटर इंस्टीट्यूट के मालिक शिवराज मोटेगांवकर आ गए हैं. जांच एजेंसी की एक विशेष टीम ने रविवार को मोटेगांवकर को पूछताछ के लिए पुणे बुलाया था, जहां देर शाम तक उनसे सवाल-जवाब किया गया. इससे पहले शुक्रवार को भी टीम ने उनसे लगातार 11 घंटे तक लंबी पूछताछ की थी और फिर आगे की जांच के लिए पुणे आने का नोटिस थमा दिया था.

यह मामला तब गंभीर हो गया जब जांच के दौरान पता चला कि पेपर लीक कांड का मास्टरमाइंड प्रोफेसर पी.वी. कुलकर्णी भी लातूर का ही रहने वाला है. वह NTA से जुड़ा हुआ था, जिसे पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है. स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, कुलकर्णी तथा मोटेगांवकर एक-दूसरे को पहले से जानते थे. कुछ साल पहले इनके बीच किसी बात को लेकर अनबन हो गई थी, लेकिन बाद में सुलह हो गई. इसी कनेक्शन को खंगालने के लिए सीबीआई रविवार को दोबारा लातूर में मोटेगांवकर के दफ्तर पहुंची. वहां कंप्यूटर, लैपटॉप तथा आईपैड जैसे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को जब्त कर उनकी जांच की गई.

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मॉक टेस्ट और असली पेपर में समान सवालों से बढ़ा शक

इस कोचिंग सेंटर पर शक तब और गहरा हो गया जब सीबीआई को एक गंभीर शिकायत मिली. शिकायत में दावा किया गया कि आरसीसी (RCC) इंस्टीट्यूट के मॉक टेस्ट पेपर के कई सवाल नीट 2026 के असली प्रश्नपत्र से मिलते-जुलते पाए गए हैं. इसी बीच एक सोशल मीडिया वीडियो भी सामने आया, जिसमें संस्थान प्रमुख छात्रों से पूछते दिख रहे हैं कि मॉक टेस्ट के कितने सवाल असली परीक्षा में आए, जिस पर छात्र सकारात्मक जवाब देते नजर आते हैं.

यह संस्थान साल 1999 में केवल 10 छात्रों के साथ शुरू हुआ था और अब महाराष्ट्र के कई जिलों में इसकी शाखाएं हैं. हर साल करीब 40 हजार छात्र यहां नीट और जेईई की तैयारी के लिए दाखिला लेते हैं. यहां औसतन प्रति छात्र 50,000 से 65,000 रुपये फीस के आधार पर इस कोचिंग का सालाना टर्नओवर 100 करोड़ रुपये से भी ज्यादा बताया जा रहा है.

सीबीआई की जांच का दायरा अब और भी बढ़ गया है. इससे पहले नांदेड़ के एक कारोबारी के घर भी छापेमारी की गई थी, जिस पर आरोप है कि उसने अपनी बेटी के लिए पैसे देकर नीट का पेपर हासिल करने की कोशिश की थी. जांच एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं.

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