नासिक के चर्चित टीसीएस बीपीओ मामले में अदालत में हुई सुनवाई के दौरान कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं. विशेष लोक अभियोजक अजय मिसार ने अदालत को बताया कि मुख्य आरोपी निदा खान के तार मालेगांव और मलेशिया से जुड़े हुए पाए गए हैं. जांच अब ऐसे चरण में पहुंच चुकी है, जहां जबरन धर्म परिवर्तन और इसके लिए आर्थिक सहायता मिलने की आशंका भी सामने आ रही है.
अदालत में अभियोजन पक्ष ने कहा कि पीड़िता का नाम बदलकर 'हनिया' रखा गया था. साथ ही मालेगांव के कुछ लोगों की मदद से उसका इस्लाम धर्म में परिवर्तन कराने की कोशिश की जा रही थी. जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों की योजना पीड़िता को नौकरी या पदोन्नति का लालच देकर मलेशिया ले जाने की थी.
हिजाब, बुर्का पहनना सिखाया
विशेष लोक अभियोजक ने बताया कि पीड़िता पिछड़े वर्ग से आती है और उस पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था. उसे धमकियां दी गईं और धार्मिक तौर-तरीकों के लिए प्रशिक्षित किया गया. उसे यह सिखाया गया कि हिजाब और बुर्का कैसे पहनना है, नमाज कैसे अदा करनी है. अदालत में यह भी बताया गया कि निदा खान ने पीड़िता को बुर्का और धार्मिक किताबें दी थीं, जिन्हें पंचनामा में जब्त किया गया है.
मोबाइल फोन में इस्लामी रील्स डाउनलोड किए
पीड़िता के विस्तृत बयान मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज किए गए थे, अदालत के सामने प्रस्तुत किए गए. इसके अलावा अभियोजन पक्ष ने बताया कि आरोपियों ने पीड़िता के मोबाइल फोन में इस्लामी रील्स और यूट्यूब लिंक डाउनलोड किए थे.
पीड़िता के परिवार के सदस्यों ने भी इस संबंध में अपने बयान दर्ज कराए हैं. अभियोजन पक्ष का कहना है कि इस मामले में विदेशी कनेक्शन, जबरन धर्म परिवर्तन और संभावित साजिश की जांच गहराई से की जा रही है. अदालत में पेश तथ्यों ने इस मामले को और गंभीर बना दिया है. अब आगे की जांच में मलेशिया कनेक्शन और फंडिंग के पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा.
दिव्येश सिंह