महाराष्ट्र के नासिक शहर में नगर चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की अंदरूनी राजनीति सरेआम उस वक्त सामने आ गई, जब वार्ड 31डी की सीट को लेकर पार्टी के दो नेताओं देवानंद बिरारी और बाला शिरसाठ के बीच जोरदार झड़प हुई. इस वार्ड से दोनों नेता चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन पार्टी की ओर से आधिकारिक AB फॉर्म बाला शिरसाठ को दिया गया था. इससे नाराज देवानंद बिरारी ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने की इच्छा व्यक्त की.
शुक्रवार को देवानंद बिरारी जब अपना नामांकन वापस लेने के लिए चुनाव अधिकारियों के पास जा रहे थे, तभी वे और बाला शिरसाठ आमने-सामने आ गए. दोनों के बीच पहले कहासुनी हुई, जो जल्द ही हाथापाई में बदल गई.
आरोप है कि बाला शिरसाठ ने पहले देवानंद बिरारी को मारा, जिसके जवाब में बिरारी ने भी पलटवार किया. इस दौरान मौके पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव किया, लेकिन तब तक स्थिति गंभीर हो चुकी थी.
घटना के बाद देवानंद बिरारी की पत्नी वंदना बिरारी ने इस घटना के खिलाफ आरोप लगाए और अपनी प्रतिक्रिया सार्वजनिक की. वहीं, बाला शिरसाठ और देवानंद बिरारी दोनों ने मीडिया के सामने अपने-अपने पक्ष भी रखे. इस विवाद को लेकर अंबड़ पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई गई है और पुलिस मामले की जांच कर रही है.
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नगर चुनाव के बीच इस तरह की हिंसक घटना ने न सिर्फ वार्ड 31 का माहौल गरमा दिया है, बल्कि बीजेपी की स्थानीय इकाई के लिए भी असहज स्थिति पैदा कर दी है. टिकट और नामांकन को लेकर चुनावी तनाव आम बात है, लेकिन पार्टी के ही दो नेताओं के बीच हुई यह मारपीट राजनीतिक गलियारों में भारी हलचल मचा रही है. अब सबकी नजरें भाजपा नेतृत्व और पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं.
अभिजीत करंडे