महाराष्ट्र के नासिक जिले के सिन्नर स्थित ईशान्येश्वर मंदिर के प्रमुख अशोक खरात के खिलाफ धोखाधड़ी का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसे सुनकर पुलिस भी हैरान है. पुणे के लॉजिस्टिक्स कारोबारी राजेंद्र जासूद ने आरोप लगाया है कि खरात ने उन्हें नाग देवता के डसने और मौत का डर दिखाकर पिछले 6 साल में करीब 5 करोड़ रुपये की चपत लगाई है.
शिकायत के अनुसार, 2018 में जासूद की मुलाकात खरात से हुई थी. खरात ने दावा किया कि उनके नए कारोबार की सफलता के लिए 'अवतार पूजा' अनिवार्य है. बाबा ने डराया कि यदि पूजा नहीं की गई, तो उनकी मृत्यु हो जाएगी और इस अनुष्ठान के लिए 90 लाख रुपये की मर्सिडीज कार की जरूरत होगी. डर के मारे जासूद ने लोन लेकर कार खरीदी और बाबा को सौंप दी.
21 देशों की मिट्टी लाने का झांसा
ठगी यहीं नहीं रुकी. खरात ने 'उत्तर पूजा' के नाम पर जासूद को झांसा दिया कि दुनिया के 21 अलग-अलग कोनों से ऊर्जा बटोरने के लिए वहां की मिट्टी लानी होगी.
दूसरे के पैसों से विदेश यात्राएं
बिजनैसमैन जासूद के पैसों पर खरात ने म्यांमार, ग्रीनलैंड, अमेरिका, युगांडा, मिस्र, और आयरलैंड जैसे देशों की विलासितापूर्ण यात्राएं कीं.
पवित्र फर्नीचर
इजराइल से 'पवित्र' फर्नीचर मंगवाने और फार्महाउस के इंटीरियर के नाम पर भी करोड़ों रुपये वसूले गए. यही नहीं, 2019 में खरात ने अपने कथित इलाज के लिए जासूद से करीब 30 लाख रुपये ट्रांसफर करवाए.
रंगदारी से धोखाधड़ी तक का यू-टर्न
दिलचस्प बात यह है कि जब जासूद को ठगी का एहसास हुआ और उन्होंने पैसे वापस मांगे, तो अशोक खरात ने दिसंबर 2025 में वावी पुलिस स्टेशन में जासूद के खिलाफ 5 करोड़ की रंगदारी मांगने का केस दर्ज करा दिया था.
खरात का आरोप था कि जासूद उन्हें अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी दे रहे हैं. हालांकि, अब जासूद की शिकायत के बाद पासा पलट गया है और पुलिस बाबा के वित्तीय साम्राज्य की गहराई से जांच कर रही है.
SIT अब इस बात की जांच कर रही है कि खरात ने ऐसे और कितने कारोबारियों को अपनी 'अवतार पूजा' के जाल में फंसाया है.
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