मुंबई के गोरेगांव स्थित नेस्को एग्जीबिशन सेंटर में आयोजित टेक्नो म्यूजिक कॉन्सर्ट के दौरान कथित ड्रग ओवरडोज से दो MBA छात्रों की मौत मामले में विशेष अदालत ने एक आरोपी को जमानत दे दी है. एनडीपीएस एक्ट के तहत गठित विशेष अदालत ने कार्यक्रम आयोजक आकाश सामल को राहत देते हुए जमानत मंजूर की, जबकि तीन अन्य आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी.
यह घटना 11 अप्रैल की है, जब गोरेगांव के नेस्को एग्जीबिशन सेंटर में आयोजित टेक्नो कॉन्सर्ट में शामिल दो MBA छात्रों की संदिग्ध ड्रग ओवरडोज के कारण मौत हो गई थी. कई अन्य लोगों को भी तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था. प्रारंभिक जांच में सामने आया था कि पीड़ितों ने कथित तौर पर MDMA यानी एक्स्टेसी पिल्स का सेवन किया था.
ड्रग ओवरडोज से दो MBA छात्रों की मौत का मामला
न्यूज ऐजेंसी पीटीआई के मुताबिक इसके बाद उन्हें सांस लेने में दिक्कत और चक्कर आने जैसी शिकायतें हुईं. बताया गया कि इस कॉन्सर्ट में करीब 3 से 4 हजार लोग शामिल हुए थे और कार्यक्रम तय समय से अधिक देर तक चला. मामले में पुलिस ने कई लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की उन धाराओं के तहत केस दर्ज किया है, जो गैर इरादतन हत्या और लोगों की जान को खतरे में डालने से जुड़ी हैं. आरोपियों पर महाराष्ट्र अल्कोहल एक्ट और एनडीपीएस एक्ट के तहत भी कार्रवाई की गई है.
अब तक इस मामले में छह लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. इनमें इवेंट आयोजक और एग्जीबिशन सेंटर का सुरक्षा स्टाफ भी शामिल है. आकाश सामल को 13 अप्रैल को गिरफ्तार किया गया था. वह इंस्पायरिंग टाई प्रोडक्शन नाम की कंपनी चलाता है और कार्यक्रम आयोजन से जुड़ा हुआ था.
जमानत याचिका में आकाश सामल ने दावा किया कि उसकी गिरफ्तारी गैरकानूनी और मनमानी तरीके से की गई. उसने कहा कि उसका काम केवल आर्टिस्ट मैनेजमेंट तक सीमित था और उसका ड्रग्स सप्लाई या सुरक्षा व्यवस्था से कोई संबंध नहीं था. याचिका में यह भी कहा गया कि नेस्को प्रबंधन ही टिकट बिक्री, खानपान, शराब, स्पॉन्सरशिप और कार्यक्रम से जुड़े अन्य आर्थिक मामलों के लिए पूरी तरह जिम्मेदार था.
MDMA पिल्स से मौत के आरोपों के बीच आयोजक को जमानत
बचाव पक्ष ने अदालत में दलील दी कि कार्यक्रम से होने वाली पूरी कमाई और संचालन का अधिकार नेस्को के पास था. फिलहाल अदालत के विस्तृत आदेश सामने नहीं आए हैं. मामले की जांच जारी है.
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