'टेक्नोलॉजी के गुलाम न बनें इंसान...', जानें ऐसा क्यों बोले RSS प्रमुख मोहन भागवत

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने छत्रपति संभाजीनगर में कहा कि तकनीक का उपयोग समाज के कल्याण के लिए होना चाहिए, न कि लोगों को उसका गुलाम बनाने के लिए. उन्होंने युवा उद्यमियों से संवाद में स्पष्ट किया कि स्वदेशी अपनाने का मतलब तकनीक को नकारना नहीं है और तकनीक अपने आप में बुरी नहीं होती, बस उस पर जरूरत से ज्यादा निर्भरता नहीं होनी चाहिए.

Advertisement
मोहन भागवत ने स्पष्ट किया कि स्वदेशी अपनाने का मतलब तकनीक को नकारना नहीं है. (File Photo: PTI) मोहन भागवत ने स्पष्ट किया कि स्वदेशी अपनाने का मतलब तकनीक को नकारना नहीं है. (File Photo: PTI)

aajtak.in

  • मुंबई,
  • 17 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 6:25 PM IST

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने शनिवार को छत्रपति संभाजीनगर में टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल पर बात की. उन्होंने कहा कि तकनीक का इस्तेमाल समाज के कल्याण के लिए होना चाहिए, लेकिन लोग इसके गुलाम नहीं बनें. 

उन्होंने कहा कि तकनीक से बचा नहीं जा सकता और अपने आप में यह बुरी नहीं है, लेकिन इस बात का ध्यान रखना जरूरी है कि उस पर हमारी निर्भरता इतनी न बढ़ जाए कि वही हमें कंट्रोल करने लगे.

Advertisement

'स्वदेशी अपनाने का मतलब तकनीक को नकारना नहीं'

मोहन भागवत ने यह बात युवा उद्यमियों (young entrepreneurs) से संवाद के दौरान कही. यह संवाद आरएसएस के शताब्दी वर्ष के समारोहों के तहत आयोजित किया गया था. भागवत ने स्पष्ट किया कि 'स्वदेशी अपनाने का मतलब तकनीक को नकारना नहीं है.'

आरएसएस प्रमुख ने कहा कि व्यापार और उद्योग सिर्फ मुनाफे के उद्देश्य से नहीं चलने चाहिए. उन्होंने कहा कि 'हम केवल अपने फायदे के लिए नहीं, बल्कि समाज के हित के लिए काम करते हैं और आजीविका कमाने के साथ सामाजिक जिम्मेदारी निभाना भी जरूरी है.'

'भारत में किसान के लिए खेती पेशा नहीं, कर्तव्य है'

कृषि का उदाहरण देते हुए मोहन भागवत ने कहा कि भारत में किसान खेती को केवल एक पेशा नहीं, बल्कि अपना कर्तव्य मानते हैं. उन्होंने कहा कि यह सोच दुनिया के दूसरे हिस्सों में कम ही देखने को मिलती है और यही हमें सिखाती है कि हमारा काम समाज के लिए होना चाहिए.

Advertisement

उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक को भारत की सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियों के अनुरूप ढालना चाहिए और यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि तकनीक समाज को नुकसान न पहुंचाए और न ही रोजगार के अवसर कम करे.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement