महाराष्ट्र के कोल्हापुर से एक अनोखी और हैरान करने वाली खबर सामने आई है, जहां पारंपरिक कोल्हापुरी चप्पल को चांदी में ढाल दिया गया है. यह चप्पल आम नहीं बल्कि पूरी तरह से चांदी से बनी हुई है, जिसकी कीमत लाखों रुपये में बताई जा रही है. यह खास चप्पल अब चर्चा का विषय बन गई है. कोल्हापुर के महावीर नगर में रहने वाले कारीगर विक्रांत माली ने यह अनोखी चांदी की चप्पल तैयार की है. विक्रांत माली वर्ष 1994 से चांदी के शिल्प का काम कर रहे हैं और अब तक उन्होंने कई तरह की धार्मिक और सजावटी वस्तुएं बनाई हैं. लेकिन यह चप्पल उनकी अब तक की सबसे अलग और चर्चा में रहने वाली कृति बन गई है.
जानकारी के मुताबिक यह ऑर्डर सांगली के एक व्यापारी की ओर से आया था, जिसने अपने दामाद के लिए एक खास तोहफा तैयार करने को कहा था. इसके बाद कारीगर ने कोल्हापुरी चप्पल की डिजाइन को ध्यान से स्टडी किया और चांदी से उसका मॉडल तैयार करना शुरू किया. लगभग दस दिनों की मेहनत के बाद 10 इंच लंबी और करीब डेढ़ किलो वजन की चांदी की कोल्हापुरी चप्पल तैयार हुई. बताया जा रहा है कि इस चप्पल में काफी बारीकी से काम किया गया है और इसे पूरी तरह हस्तनिर्मित तरीके से बनाया गया है.
4.5 लाख की चांदी की कोल्हापुरी चप्पल
इस चप्पल की कीमत लगभग 4.5 लाख रुपये बताई जा रही है, जबकि इसमें कारीगर की मजदूरी करीब 25 हजार रुपये है. यह अनोखी चप्पल अब कोल्हापुर के शिल्पकारों की कला का एक नया उदाहरण बन गई है. कारीगर विक्रांत माली ने बताया कि उन्होंने अपने लंबे अनुभव के आधार पर इस चप्पल को तैयार किया है. उनके मुताबिक यह काम काफी चुनौतीपूर्ण था क्योंकि चांदी को चप्पल के आकार में ढालना आसान नहीं था.
1.5 किलो चांदी से बनी चप्पल
बताया जा रहा है कि इस खास चांदी की चप्पल को सांगली के व्यापारी ने अपने दामाद को गिफ्ट के तौर पर विदेश भेजा है. इस वजह से यह कृति सिर्फ स्थानीय नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा में आ गई है. कोल्हापुर की पारंपरिक चप्पल पहले ही अपनी पहचान के लिए मशहूर है, लेकिन अब चांदी से बनी इस अनोखी चप्पल ने इसे एक नया रूप दे दिया है. स्थानीय लोग भी इसे देखने के लिए उत्सुक हैं और यह कारीगरी सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रही है.
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