महाराष्ट्र के जलगांव से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. जहां खेलते समय साढ़े तीन साल के एक लड़के ने एल्यूमिनियम का बर्तन मुकुट समझकर अपने सिर पर रख लिया. कुछ ही देर में बर्तन उसके सिर और गर्दन में इतनी बुरी तरह फंस गया कि उसे सांस लेने में तकलीफ होने लगी और वह जोर-जोर से रोने लगा. आवाज सुनकर डरे हुए माता-पिता बच्चे को लेकर एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल भागने लगे.
बताया जाता है कि कई अस्पतालों ने बर्तन निकालते समय गंभीर चोट लगने की आशंका को देखते हुए हाथ खड़े कर दिए थे. लेकिन अंत में एक हॉस्पिटल के एक डॉ. मिनाज पटेल ने जोखिम उठाकर उसका इलाज करने का फैसला किया. बर्तन निकालते समय बच्चे को कोई नुकसान न पहुंचे, इसलिए उन्होंने पूरी सतर्कता बरती.
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12 मिनट की मेहनत के बाद कटा बर्तन
बच्चे को बर्तन निकालते समय चोट लगने से बचाने के लिए उन्होंने अस्पताल में काम करने वाले प्लम्बर खालिद शेख को बुलाया. उन्होंने सुरक्षा उपायों के तौर पर लकड़ी की पीयूसी शीट और गीले कपड़े का इस्तेमाल करते हुए ग्राइंडर कटर की मदद से बर्तन काटना शुरू किया. लगभग 12 मिनट की मेहनत के बाद बर्तन सफलतापूर्वक कट कर अलग हो गया. जिसके बाद कुछ घंटों से घबराए हुए बच्चे और उसके माता-पिता ने आखिरकार राहत की सांस ली.
इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. वीडियो में देखा जा सकता है कि डॉक्टर की टीम की तरफ से बच्चे के बर्तन को ग्राइंडर मशीन से काटा जा रहा है. वहीं कुछ देर में बर्तन कट जाता है और बच्चा खुश हो जाता है. साथ ही बच्चे के मां-बाप भी खुश हो जाते हैं.
मनीष शांताराम जोग