महाराष्ट्र में स्थित मुंबई नगर निगम की स्टैंडिंग कमेटी को निगम की फाइनेंशियल पावर का केंद्र माना जाता है. यही कमेटी शहर के बड़े खर्च, योजनाओं और जरूरी प्रस्तावों पर अंतिम फैसला लेती है. इस वजह से इसे बीएमसी की "तिजोरी की चाबी" भी कहा जाता है. अब 20 फरवरी को इस कमेटी के चेयरमैन पद के लिए चुनाव होने जा रहा है, जिससे राजनीतिक हलकों में उत्साह बढ़ गया है.
कुल 26 सदस्यों वाली इस कमेटी में बीजेपी के 10 सदस्य हैं, जो इसे सबसे बड़ी पार्टी बनाते हैं. बीजेपी ने वरिष्ठ कॉरपोरेटर गणेश खंकर, प्रभाकर शिंदे, राखी जाधव, मकरंद नार्वेकर सहित पहली बार चुने गए युवाओं में तेजिंदर तिवाना को भी इस महत्वपूर्ण कमेटी में जगह दी है. तेजिंदर तिवाना ने कहा कि पार्टी युवाओं को आगे बढ़ाने और नेतृत्व की जिम्मेदारी देने पर खास जोर दे रही है.
शिवसेना (ठाकरें गुट) के 7 सदस्य, शिवसेना और एनसीपी के गठबंधन के 4 सदस्य, कांग्रेस के 3 सदस्य, एमआईएम और मनसे के 1-1 सदस्य भी इस कमेटी में शामिल हैं. ऐसे में चेयरमैन पद के लिए बहुमत जुटाना महत्वपूर्ण होगा.
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स्टैंडिंग कमेटी के चेयरमैन का पद निगम के वित्तीय निर्णयों में निर्णायक भूमिका निभाता है, इसलिए इस पर होने वाली कम्पटीशन स्वाभाविक तौर से और कड़ी होती है. आगामी चुनाव और राजनीतिक समीकरण किस ओर जाते हैं, इस पर न केवल पार्टियों की नजरें हैं, बल्कि आम नागरिक भी बड़ी निगाह से देख रहे हैं.
बता दें कि इसी साल 15 जनवरी को बीएमसी के चुनाव के लिए मतदान हुआ था और 16 को रिजल्ट आया था. बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी. बीजेपी ने 89 सीटें जीती थी. शिवसेना (UBT) ने 65 और शिंदे शिवसेना वाले गुट ने 29 सीटें जीती थी. बाद में फिर 11 फरवरी को बीजेपी की रितु तवड़े को मुंबई की मेयर चुनी गईं. शिवसेना के संजय घादी डिप्टी मेयर बने.
मुस्तफा शेख