मुंबई महानगर पालिका के 227 निर्वाचन वार्डों के लिए गुरुवार को हुए मतदान के बाद शुक्रवार सुबह 10 बजे से 23 केंद्रों पर वोटों की गिनती शुरू होगी. इस बार मतगणना की प्रक्रिया में एक साथ सभी वार्डों के बजाय केवल दो-दो वार्डों के वोटों की गिनती की जाएगी. इस बदलाव की वजह से सुबह 10 बजे केवल 46 वार्डों की गिनती शुरू हो पाएगी.
म्युनिसिपल कमिश्नर भूषण गगरानी ने गुरुवार को मीडिया से बातचीत में स्वीकार किया कि इस नई प्रक्रिया की वजह से अंतिम परिणामों की घोषणा में सामान्य से करीब एक घंटे की देरी हो सकती है.
मतगणना के लिए 2,299 अधिकारियों और कर्मचारियों को तैनात किया गया है, जो कम्प्यूटराइज्ड सिस्टम का उपयोग करेंगे.
गिनती की प्रक्रिया में क्यों हुआ बदलाव?
साल 2017 के पिछले चुनावों में सभी वार्डों की गिनती एक साथ शुरू हुई थी, लेकिन इस बार बीएमसी ने अलग रणनीति अपनाई है. पिछले हफ्ते एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अधिकारियों ने तर्क दिया था कि एक वक्त में केवल दो वार्डों पर फोकस करने से प्रक्रिया तेज होगी, क्योंकि सारा मानव संसाधन इन्हीं पर केंद्रित रहेगा. हालांकि, इसका एक असर यह होगा कि शुरुआत में ही सभी 227 सीटों के रुझान मिलना मुश्किल होगा.
सुरक्षा और तकनीक के पुख्ता इंतजाम
कमिश्नर भूषण गगरानी ने मतगणना केंद्रों की सुरक्षा, ट्रैफिक मैनेजमेंट और कानून-व्यवस्था की समीक्षा की है. पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सीसीटीवी सर्विलांस और कंप्यूटरीकृत सिस्टम का इस्तेमाल किया जाएगा. सभी 23 रिटर्निंग अधिकारियों के अधिकार क्षेत्र में स्ट्रॉन्ग रूम और मतगणना स्थल चिन्हित किए गए हैं, जिन्हें पुलिस और लोक निर्माण विभाग से मंजूरी मिल चुकी है.
मैदान में 1,700 उम्मीदवार और भारी-भरकम बजट
भारत की सबसे अमीर महानगर पालिका के 227 वार्डों के लिए कुल 1,700 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं. बता दें कि बीएमसी का साल 2025-26 का बजट 74,400 करोड़ रुपये है. पिछला चुनाव 2017 में हुआ था और निर्वाचित सदन का कार्यकाल मार्च 2022 में ही खत्म हो गया था. अब नई चुनी जाने वाली संस्था इस भारी-भरकम बजट वाली कॉर्पोरेशन का संचालन करेगी.
मतगणना केंद्र पर किसे मिलेगी एंट्री?
बीएमसी के मुताबिक, मतगणना केंद्रों पर केवल अधिकृत उम्मीदवारों, उनके प्रतिनिधियों और चुनाव विभाग द्वारा जारी वैध पहचान पत्र वाले मीडिया कर्मियों को ही प्रवेश दिया जाएगा. केंद्रों पर अग्निशमन सुरक्षा और चिकित्सा सुविधाओं के भी इंतजाम किए गए हैं. ट्रैफिक रेगुलेशन और मीडिया के लिए अलग घेरे भी बनाए गए हैं, जिससे व्यवस्था अच्छी तरह बनी रहे.
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