बड़े-बड़े नेताओं और सेलिब्रिटीज तक के भविष्य की गणना करने वाला, ग्रह-नक्षत्रों के खेल से लोगों की किस्मत बदलने का दावा करने वाला महाराष्ट्र का एक चर्चित चेहरा अब खुद कानून के घेरे में है. नासिक में गिरफ्तार अशोक खरात उर्फ कैप्टन खरात की गिरफ्तारी से न सिर्फ राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है बल्कि उन लोगों को भी चौंका दिया है जो आंख मूंदकर ऐसे तथाकथित ‘ज्योतिषियों’ पर भरोसा करते हैं.
नासिक क्राइम ब्रांच यूनिट-1 ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए खुद को ज्योतिषी बताने वाले अशोक खरात को गिरफ्तार कर लिया है. उस पर 35 वर्षीय महिला के साथ दुष्कर्म का गंभीर आरोप है. अशोक खरात की पहचान सिर्फ एक आम ज्योतिषी के तौर पर नहीं थी. वह खुद को ‘कैप्टन’ कहता था और दावा करता था कि उसने कई बड़े नेताओं, उद्योगपतियों और सेलिब्रिटीज का भविष्य बताया है. कहा जाता है कि महाराष्ट्र के कई प्रभावशाली चेहरे उससे सलाह लेने पहुंचते थे. सबसे ज्यादा चर्चा में वह तब आया था, जब नवंबर 2022 में मुख्यमंत्री रहते हुए एकनाथ शिंदे मिरगांव स्थित मंदिर पहुंचे थे और कथित तौर पर खरात से मुलाकात की थी. उस मुलाकात के बाद उसका नाम तेजी से सुर्खियों में आया और उसके प्रभाव की कहानियां फैलने लगीं. लेकिन अब वही शख्स अपने ऊपर लगे आरोपों से घिरा हुआ है. जिस व्यक्ति ने दूसरों की कुंडली पढ़ने का दावा किया, वह अपनी ही जिंदगी के इस मोड़ को नहीं भांप सका.
महिला की शिकायत से खुला मामला
पुलिस के मुताबिक, 35 साल की एक महिला ने सरकारवाड़ा पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें उसने अशोक खरात पर दुष्कर्म का आरोप लगाया. शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया और जांच शुरू हुई. जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, पुलिस को कई ऐसे सुराग मिले जिनसे मामला गंभीर होता गया. इसके बाद क्राइम ब्रांच ने सक्रिय होकर आरोपी को पकड़ने के लिए योजना बनाई और आखिरकार उसे गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है और पीड़िता के आरोपों की पुष्टि के लिए सबूत जुटाए जा रहे हैं.
छापेमारी में मिले चौंकाने वाले सुराग
इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात तब सामने आई, जब पुलिस ने आरोपी के अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की. सूत्रों के मुताबिक, इस दौरान पुलिस ने 58 वीडियो जब्त किए हैं. बताया जा रहा है कि ये वीडियो कुछ चर्चित महिलाओं और सेलिब्रिटीज़ से जुड़े हो सकते हैं. हालांकि, पुलिस ने अभी इस बारे में आधिकारिक तौर पर ज्यादा जानकारी साझा नहीं की है. इन वीडियो की जांच जारी है और आशंका जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में इस केस में और बड़े खुलासे हो सकते हैं.
मंदिर ट्रस्ट से जुड़ा था आरोपी
अशोक खरात नासिक के सिन्नर तालुका के मिरगांव स्थित श्री ईशान्येश्वर मंदिर ट्रस्ट का चेयरमैन भी बताया जाता है. इस पद के चलते उसकी स्थानीय स्तर पर अच्छी पकड़ थी और लोगों के बीच उसकी छवि एक ‘आध्यात्मिक मार्गदर्शक’ की बन गई थी. यही वजह थी कि आम लोगों से लेकर प्रभावशाली व्यक्तियों तक, कई लोग उससे जुड़ते गए. यह पहला मौका नहीं है जब अशोक खरात विवादों में आया हो. महाराष्ट्र अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के कार्यकर्ता पहले से ही उसके खिलाफ मोर्चा खोल चुके थे. जब मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे उसके यहां पहुंचे थे, तब भी इस मुलाकात को लेकर काफी विवाद हुआ था. अंधविश्वास के खिलाफ काम करने वाले संगठनों ने इस पर सवाल उठाए थे और ऐसे ‘बाबाओं’ को बढ़ावा देने पर आपत्ति जताई थी.
SIT जांच में जुटी, महिला IPS कर रहीं नेतृत्व
मामले की गंभीरता को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने इसकी जांच स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) को सौंप दी है. इस टीम का नेतृत्व महिला आईपीएस अधिकारी तेजस्विनी सातपुते कर रही हैं. बताया गया है कि उन्होंने आरोपी अशोक खरात से करीब दो घंटे तक पूछताछ की है. हालांकि, पूछताछ के बाद उन्होंने कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया और कहा कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, वैसे-वैसे जानकारी साझा की जाएगी. SIT अब इस मामले की गहराई से पड़ताल कर रही है चाहे वह पीड़िता के आरोप हों, जब्त किए गए वीडियो हों या फिर आरोपी के संपर्कों का नेटवर्क.
यह मामला सिर्फ एक अपराध की कहानी नहीं है, बल्कि समाज के उस हिस्से को भी उजागर करता है जहां लोग बिना जांचे-परखे किसी पर भी भरोसा कर लेते हैं. फिलहाल अशोक खरात पुलिस हिरासत में है और उससे लगातार पूछताछ की जा रही है. पुलिस का कहना है कि इस केस में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. साथ ही, जब्त किए गए वीडियो और डिजिटल सबूतों की फॉरेंसिक जांच भी अहम भूमिका निभाएगी. इससे यह साफ हो सकेगा कि मामला कितना बड़ा है और इसमें और कौन-कौन शामिल हो सकते हैं.
(रिपोर्ट : प्रवीण वी ठाकरे)
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